Patna: बिहार सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बाल अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की स्वच्छता रैंकिंग जल्द की जाएगी. इस रैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश भर में मौजूद करीब 1 लाख 13 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का समुचित मूल्यांकन किया जाएगा. इनकी रैंकिंग के दौरान केंद्रों की स्वच्छता, सफाई व्यवस्था, शौचालय की स्थिति, हाथ धोने की सुविधा, पेयजल की गुणवत्ता, कचरा प्रबंधन और बच्चों के लिए स्वस्थ वातावरण जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर अंक दिए जाएंगे.
रैंकिंग का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता की स्थिति को बेहतर बनाना, सर्वश्रेष्ठ केंद्रों को पुरस्कृत करना और प्रोत्साहित करना, कम प्रदर्शन वाले केंद्रों में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाना, बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास को स्वच्छ वातावरण से जोड़ना, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार बनाना है.
यह रैंकिंग आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवाएं), जीविका और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के साथ समन्वय में की जाएगी. राज्य, जिला, प्रखंड और संकुल स्तर पर अलग-अलग रैंकिंग तैयार की जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा.
इससे पहले बिहार में स्वच्छता अभियान, पोषण माह, हाथ धुलाई दिवस और मिशन सक्षम आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर जोर दिया जा रहा है. अब स्वच्छता रैंकिंग इन प्रयासों को और मजबूती देगी. अच्छी रैंकिंग वाले केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा. विभाग के अनुसार, यह रैंकिंग नियमित रूप से हर तीन माह में आयोजित की जाएगी. इससे न केवल बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा.
