Patna: बिहार में जमीन सर्वे के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को गया और सहरसा जिले में एक साथ कार्रवाई करते हुए तीन विशेष सर्वे अमीनों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. इनमें गया जिले के सदर अंचल में तैनात दीपू कुमार और अभिषेक कुमार को 7 हजार रुपये तथा सहरसा जिले के सोनवर्षा अंचल में तैनात दीपक राज को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया. दोनों मामलों में कुल 12 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है.
गया में जमीन की मापी रिपोर्ट बनाने के लिए मांगी थी घूस
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, गया के मखलौटगंज निवासी रोहित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी जमीन की मापी के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क जमा कर दिया था. जमीन की मापी भी हो चुकी थी, लेकिन इससे संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के एवज में सदर अंचल के विशेष सर्वे अमीन दीपू कुमार और अभिषेक कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत का सत्यापन कराने पर रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद निगरानी थाना (कांड संख्या 128/26) में मामला दर्ज किया गया. डीएसपी के नेतृत्व में धावादल गठित किया गया. टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों अमीनों को गया के राय काशीनाथ मोड़ स्थित एपीआर मॉल के सामने 7 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया.
सहरसा में पैतृक जमीन के सर्वे के नाम पर मांगे थे 5 हजार

दूसरी कार्रवाई सहरसा जिले के सोनवर्षा अंचल में की गई. यहां नोनैती गांव निवासी प्रभात कुमार ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत की थी कि विशेष सर्वे अमीन दीपक राज उनकी पैतृक जमीन का सर्वे करने के एवज में 5 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं. शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाया गया. इसके बाद निगरानी थाना (कांड संख्या 129/26) में मामला दर्ज कर डीएसपी के नेतृत्व में धावादल बनाया गया. टीम ने मंगलवार को बसनही थाना क्षेत्र के मंगवार स्थित अमीन के किराये के आवास सह निजी कार्यालय में छापेमारी कर उसे 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
2026 में अब तक 129 मामले, 119 आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अब तक 128वां और 129वां प्राथमिकी दर्ज की गई है. एक मामला दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर आने के बाद ब्यूरो कुल 130 मामलों का अनुसंधान कर रहा है. इनमें रिश्वत लेते पकड़ने से संबंधित 117वां और 118वां ट्रैप कांड शामिल है. इन मामलों में अब तक कुल 119 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है. रिश्वत के रूप में कुल 40 लाख 60 हजार 400 रुपये बरामद किए गए हैं. इसके अलावा 37 हजार रुपये कीमत की एक वाशिंग मशीन भी बरामद हुई है.
पिछले साल के मुकाबले ढाई गुना अधिक ट्रैप केस
ब्यूरो के मुताबिक, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे. इनमें 37 लाख 80 हजार 300 रुपये रिश्वत की राशि और 19,800 रुपये कीमत की एक वाशिंग मशीन बरामद की गई थी. वहीं, वर्ष 2000 से 2024 तक औसतन प्रतिवर्ष 47 ट्रैप कांड दर्ज किए जाते थे. इसके मुकाबले वर्ष 2026 में अब तक 118 ट्रैप कांड दर्ज हो चुके हैं. ब्यूरो ने इसे पूर्व के औसत की तुलना में करीब ढाई गुना अधिक बताया है. भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी है.
