Patna: बिहार में सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति सुधारने के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत बड़े पैमाने पर काम कराने की तैयारी है. राज्य के 38 जिलों की 8051 पंचायतों में कुल 1,65,021 कार्य चिह्नित किए गए हैं. इनकी अनुमानित लागत 6,654.59 करोड़ रुपये है. विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में लंबित स्वीकृतियों का तेजी से निष्पादन करने और योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया.

शिक्षा विभाग में सबसे अधिक 77 हजार से ज्यादा कार्य

कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग में सर्वाधिक 77,473 कार्य चिह्नित किए गए हैं. इनमें स्कूल भवनों और कक्षाओं की मरम्मत एवं रंगाई-पुताई के 53,529 कार्य शामिल हैं. इसके अलावा 4,632 चहारदीवारी निर्माण, 3,397 पेयजल एवं विद्युत सुविधाओं को क्रियाशील बनाने, 3,239 रसोई शेड के रखरखाव, 2,819 नए शौचालयों और 2,002 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से संबंधित कार्य शामिल हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है.

स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाएं भी होंगी बेहतर

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 12,946 कार्य चिह्नित किए गए हैं. इनमें स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, रंगाई-पुताई और रखरखाव के 8,647 कार्य शामिल हैं. इसके अलावा सफाई एवं रखरखाव के 2,324 कार्य और 571 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से जुड़े कार्य प्रस्तावित हैं. अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल, शौचालय, संकेतक तथा मरीजों के बैठने जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है.

पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास कार्य

विभागवार आंकड़ों के अनुसार, पंचायती राज विभाग में 31,941, ग्रामीण विकास विभाग में 17,213 तथा समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस कार्यक्रम के अंतर्गत 15,014 कार्य चिह्नित किए गए हैं. शेष कार्य नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और अन्य कल्याण विभागों से संबंधित हैं. कुल चिह्नित कार्यों में 1,14,133 मरम्मत एवं उन्नयन से जुड़े हैं, जबकि 50,816 नई संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं. इससे मौजूदा सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर बनाने के साथ आवश्यकतानुसार नई सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य है.

57 हजार से अधिक कार्य तकनीकी स्वीकृति की प्रतीक्षा में

28 अक्टूबर 2026 तक के पोर्टल आंकड़ों के अनुसार, 29,864 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 4,753 कार्य पूरे हो चुके हैं. वहीं, 57,972 कार्य तकनीकी स्वीकृति और 21,060 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में दर्ज हैं. समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने, स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. विभागीय समन्वय और नियमित निगरानी को भी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया.

भवनों की मरम्मत से आगे, नागरिकों को बेहतर सुविधा देने का लक्ष्य

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सरकारी भवनों की मरम्मत या नई संरचनाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक उपयोगी बनाना भी है. स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी सुविधाओं की स्थिति में सुधार से आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.

विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता देने की अपेक्षा की. कार्यक्रम की सफलता इस बात से तय होगी कि चिह्नित योजनाएं कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरी होती हैं और उनका लाभ आम लोगों तक कितना पहुंचता है.

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