Patna: बिहार में पेयजल सुविधाओं के सुधार और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार 2014.65 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इस राशि से औरंगाबाद, सासाराम और डिहरी क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं का सुधार एवं विस्तार किया जाएगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को नाबार्ड द्वारा इन परियोजनाओं के लिए 1774.98 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया.

सोन नदी के सतही जल से होगी जलापूर्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि (RIDF) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजना से तीनों क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार होगा. योजना में सोन नदी के सतही जल का उपयोग किया जाएगा. इससे भूजल पर निर्भरता कम करने और भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.

वर्तमान में 8 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार, परियोजना के माध्यम से वर्तमान में लगभग आठ लाख लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. वहीं, वर्ष 2051 तक इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर लगभग 12 लाख आबादी तक पहुंचाने की योजना है. इससे संबंधित क्षेत्रों में बढ़ती आबादी की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी.

जल संरक्षण और बेहतर आधारभूत संरचना पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में आधारभूत संरचनाओं का विस्तार हो रहा है. राज्य सरकार स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल पर निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप यह परियोजना पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *