Ranchi: झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. 5 लाख के इनामी और 29 संगीन मामलों में वांछित कुख्यात झांगुर ग्रुप के सरगना रामदेव उरांव ने अपने दो साथियों के साथ रांची-गुमला बॉर्डर पर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले में गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के देवरागानी के रहने वाले झांगुर ग्रुप प्रमुख 5 लाख के इनामी रामदेव उरांव, प्रसाद उरांव और सुबास उरांव का नाम शामिल है. साथ में AK-56 रायफल, एक गोली, एक मैगजीन, SLR रायफल, 15 गोली, 1 मैगजीन शामिल है.
गुप्त सूचना पर जाल बिछाया
ग्रामीण एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि रांची एसएसपी को सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का प्रमुख रामदेव उरांव अपने दस्ते के साथ गुमला-रांची सीमा पर घूम रहा है और आत्मसमर्पण करना चाहता है. एसएसपी ग्रामीण एसपी के निर्देश पर बेडो डीएसपी के नेतृत्व में टीम बनाई. उधर गुमला एसपी ने भी घाघरा थाना प्रभारी की टीम भेजी.
खुद बताया- ‘मैं रामदेव उरांव हूं’
बेड़ो के लमकाना में रांची-गुमला की जॉइंट टीम पहुंची तो तीनों ने पुलिस देखते ही खुद को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताया. कहा- ‘झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं. तीनों ने हथियार समेत सरेंडर कर दिया. 47 वर्षीय रामदेव उरांव पर हत्या, अपहरण, लूट, रंगदारी के 29 केस दर्ज हैं. 2001 से लगातार फरार था. इसके साथ प्रसाद उरांव और सुबास उरांव ने भी हथियार डाले.
