Saharsa: सदर अस्पताल में डॉक्टर और मीडियाकर्मी के बीच हुई धक्का-मुक्की और बहस के वायरल वीडियो का सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कड़ा संज्ञान लिया है. डीएम ने इस पूरी घटना को अत्यंत अनुचित और निंदनीय करार देते हुए मामले की निष्पक्ष पड़ताल के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, गत 12 सितंबर को सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ. एस.के. आजाद और एक मिडिया के संवाददाता के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और झड़प हो गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि अस्पताल की मर्यादा और वहां का माहौल बनाए रखना हर हाल में जरूरी है. उन्होंने बताया कि गठित जांच समिति घटना के सभी पहलुओं, परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बयानों की गहनता से समीक्षा करेगी. समिति द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मर्यादित व्यवहार और समन्वय बनाए रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल प्रबंधन को कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि अस्पताल परिसर के भीतर डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों, उनके परिजनों और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच आपसी समन्वय और मर्यादित व्यवहार हर हाल में सुनिश्चित किया जाए. भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहें.
