Ranchi: 24 साल से पुलिस को चकमा दे रहा 2.20 करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा उर्फ सागर आखिरकार पकड़ा गया. ऑपरेशन “दौरा पहाड़” में झारखंड पुलिस और 209 कोबरा बटालियन ने धनबाद के बरवड्डा जंगल में छापेमारी कर भाकपा माओवादी के एकमात्र सक्रिय पोलित ब्यूरो सदस्य को धर दबोचा. मिसिर बेसरा के साथ संगठन के 15 लाख इनामी RCM मेहनत उर्फ मोछु, ACM गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा, मंगल मुर्मू और दिनेश राय भी गिरफ्तार हुए. मौके से 3 AK-47, 8 मैगजीन और 288 गोली बरामद किए गए.
नक्सलवाद की कमर टूटी
डीजीपी के नेतृत्व में पिछले 2 महीने में लगातार कार्रवाई हुई. 21 मई को 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया, 13 जुलाई को 20 लाख का रविन्द्र गंझु, 17 जुलाई को 25 लाख का अजय महतो उर्फ टाइगर गिरफ्तार हुआ. 28 जुलाई को ही 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. अब मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि झारखंड से भाकपा माओवादी का लगभग खात्मा हो गया है. पुलिस ने बचे हुए नक्सलियों से अपील की है कि हथियार छोड़ें और सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं.
175 मामले का आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मदनाडीह के रहने वाले मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल, पर झारखंड में 1 करोड़ और ओडिशा में 1.20 करोड़ का इनाम था. उस पर 175 कांड दर्ज हैं. इसमें 2001 का बुंदू हमला-12 जवान शहीद, तोपचांची हमला-13 पुलिसकर्मी शहीद, 2005 का जहानाबाद जेल ब्रेक, 2023 का टोंटो हमला-2 जगुआर जवान शहीद जैसी बड़ी घटनाएं शामिल हैं. मिसिर बेसरा 2001 से लेकर 2025 तक की कई बड़ी नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है.
गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के सतकठिया निवासी गौरव उर्फ विरेन्द्र हंसदा उर्फ सौरभ के विरुद्ध आठ मामले दर्ज है. धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के घोरबांध के रहने वाले 15 लाख के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ तुम्बा मुर्मू उर्फ विभीषण के विरुद्ध 137 मामले दर्ज है. और मंगल मुर्मू और पुरनाडीह के रहने वाले दिनेश राय के विरुद्ध मामला दर्ज होने की जानकारी नही मिली है.
