Patna: बिहार के सुपौल जिले में पुलिस ने अपराध नियंत्रण और आपराधिक वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक ऐतिहासिक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पुलिस ने 5.88 करोड़ मूल्य के बेशकीमती टेलीकॉम इक्विपमेंट (फाइबर कार्ड) की चोरी के मामले का सफल उद्भेदन करते हुए एक बड़े इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना को यूपी के लखनऊ से धर दबोचा है. और घटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन को भी जब्त कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी ध्रुव द्विवेदी यूपी के प्रयागराज जिले क शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के भागदिवा का रहने वाला है.
टावर से हुई थी करोड़ों की चोरी
मामले की जानकारी देते हुए सुपौल एसपी ने बताया कि 01 अक्टूबर को पिपरा स्थित इंडस टावर साइट (Peregrine Guarding Pvt. Ltd. के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर द्वारा) के दूरसंचार टावर से टेलीकॉम इक्विपमेंट चोरी होने को लेकर पिपरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. चोरों द्वारा चुराए गए फाइबर कार्ड की अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ 88 लाख बताई गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपौल एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. पिपरा थाना पुलिस और तकनीकी टीम ने मिलकर मामले की छानबीन शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और आसूचना संकलन के आधार पर पुलिस टीम ने यूपी की राजधानी लखनऊ में छापेमारी कर इंटरस्टेट गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया.
विदेशों तक जुड़े हैं तार!
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अपराधी ने स्वीकार किया है कि वह बिहार, यूपी समेत कई अन्य राज्यों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देता था. हैरान करने वाली बात यह है कि अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी चोरी किए गए सामानों को विदेशों में बेचता था, जिसकी गहन जांच पुलिस द्वारा की जा रही है. गिरफ्तार अपराधी का यूपी के विभिन्न जिलों (आजमगढ़, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकर नगर) के थानों में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. उस पर चोरी, एनडीपीएस और यूपी गिरोहबंद समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (Gangster Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत लगभग 13 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.
