Patna: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक आयोजित की गई. बैठक में वर्ष 2026 के दौरान संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए की गई पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी पदाधिकारियों को संभावित आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक संसाधनों को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, “बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों और जिला प्रशासन के बीच समन्वित एवं सक्रिय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलों के जिला पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.
क्या हुई समीक्षा
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने प्रस्तुतीकरण के जरिए बताया कि मॉनसून अवधि में विगत 5 वर्षों के वर्षापात के आंकड़ों के आधार पर कार्ययोजना बनाई गई है. बैठक में बाढ़ राहत सामग्री की व्यवस्था, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पॉलिथीन शीट्स की उपलब्धता, नावों की समुचित व्यवस्था, SDRF एवं NDRF की प्रतिनियुक्ति की जानकारी दी गई. मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा दलों का गठन और चलंत एम्बुलेंस की तैनाती पर भी चर्चा हुई. सामुदायिक रसोई केंद्रों और बाढ़ राहत शिविरों की स्थापना-संचालन की तैयारियों के साथ संभावित सुखाड़ से निपटने के अग्रिम उपाय भी बताए गए. बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एन. प्रभु ने मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी दी.
