Ranchi: हजारीबाग पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में करोड़ों के लूट का खुलासा करते हुए सरगना समेत तीन अपराधी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी में बिहार के नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के मो अफजल, यूपी के गोरखपुर जिले के गुल्हरिया थाना क्षेत्र के झुंगीया निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक सिह और मउ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सियरही निवासी सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनु यादव उर्फ सानू का नाम शामिल है. आरोपी के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नगद, 6 मोबाईल, दो बाईक और स्कार्पियों (BR-01 HN-2024) पुलिस ने बरामद किया है. इस घटना को अंजाम देने से पूर्व अपराधियों ने न्यूज (यूट्यूब, फेसबुक एवं अन्य) के माध्यम से यह जाना कि बैंक ऑफ महाराष्ट्रा भी गोल्ड लोन देती है. क्योंकि उड़ीसा में कुछ दिन पूर्व 8 किग्रा की लूट बैंक ऑफ महाराष्ट्रा से हुई है. जिसपर अपराधियों ने किसी भी बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में घटना को अंजाम देने के लिए जगह निर्धारित किया. करीब 03-04 माह पूर्व आपस में वाट्सएप के माध्यम से अपराधियों ने संपर्क स्थापित किया. बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बरही शाखा का करीब 2 माह पूर्व रेकी किया था.
रेकी के बाद अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने लिए एक टीम तैयार करते हथियार और वाहनों का जुगाड़ किया. अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए टीम तैयार करते हुए जब हथियार और वाहन का जुगाड कर लिया. तो एक अपराधी ने बैंक में जाकर वहां के स्टाफ और होने वाले पब्लिक का भीडों का जायजा लिया. इसके बाद आपस में घटना को अंजाम देने के लिए समय का निर्धारन करते हुए 17 अप्रैल को पहली बार अपराधियों ने अलग-अलग रास्ता एवं अलग-अलग वाहनों का उपयोग कर 07 अपराधी घटना को अंजाम देने के लिए बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र आया. परंतु उस दिन पुलिस के द्वारा जगह-जगह पर वाहन जांच व गश्त रहने के कारण अपराधियों ने घटना कों अंजाम देना उचित नही समझा, जिसके उपरांत उसी दिन 2 अपराधी बैंक में जाकर पुनः रेकी कर लोगों का आवागमन सुरक्षा की व्यवस्था, अलार्म सिस्टम एक्टीव है या नहीं एवं अन्य बिन्दुओं का जायजा लिया. तदोपरांत पुनः अपराधियों ने यह तय किया कि इस घटना को 24 अप्रैल को शुक्रवार के दिन हीं करना है.
अपराधियों ने पूर्व के योजना अनुसार 24 अप्रैल को इस घटना को अंजाम देने के लिए अलग-अलग रास्ता (गया से बरही, नावादा से बरही, धनबाद से बरही का सड़क) का उपयोग करते हुए 2 अपराधी घटना करने के बाद भागने वाला रास्ता में चारपहिया वाहन को लेकर अलग-अलग जगह पर रूके रहे एवं घटना को अंजाम देने के लिए 4 अपराधी बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के आसपास आया और पुनः पुलिस गस्त दल-लोगों का आवागमन का जायजा लिया. जिसके बाद चारों अपराधियों ने अपने पास रखा हथियार को छुपाते हुए बैंक में दो-दो आदमी बारी-बारी से प्रवेश करते हुए बैंककर्मी को मारपीट कर जान से मारने का धमकी देते हुए सभी बैंककर्मी को अपने कब्जे में ले लिया. अलार्म सिस्टम का माईक को काट दिया. बैंक के कर्मी को डराते हुए 4,22,492 नगद एवं 3.987 किग्रा सोना बंद पैकेट सहित लेकर बैंककर्मी को स्ट्रांग रूम में बंद करते हुए बैंक का हीं ताला प्रयोग कर चैनल गेट में ताला मारते हुए शटर गिराकर कर दो बाईक से आगे-पीछे होकर बरही चौक से चौपारण से पहाड़पुर से गया में जाकर सभी अपराधियों ने लुटा गया पैसा एवं सोना का बँटवारा किया. घटना में प्रयुक्त बाईक एवं 04 हथियार को छुपा कर रख दिया. सभी अपराधी अपने-अपने पूर्व से चिन्हित रास्ता एवं आने-जाने का साधन का उपयोग करते हुए अपने-अपने संभावित स्थान पर जाकर छिप गया.
मो अफजल, पंकज सिंह उर्फ रौनक सिह और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनु यादव उर्फ सानू का अपराधिक इतिहास रहा है. आरोपी के विरुद्ध बंगा, बिहार, यूपी और झारखंड के विभिन्न जिलों में 13 मामले दर्ज है.
बैंक कर्मियों को स्ट्रॉग रूम में बंदकर बैंक के बाहर ताला लगाकर फरार हुआ अपराधी
मामले की जानकारी देते हुए हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने बताया कि हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्रा बरही शाखा से 24 अप्रैल को अज्ञात 04 चार अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर कर्मियों को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया. अपराधी बैंक से 4,22,492 नगद, गोल्ड सेफ में रखा 78 पैकेट सोना (अनुमानित वजन 3.987 किग्रा) कब्जे में लेकर बैंक कर्मियों को स्ट्रॉग रूम में बंदकर दिया इसके बाद बैंक के बाहर ताला लगाकर दो बाईक से फिरार हो गया था. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचकर जायजा लिया. मौजूद पुलिस पदाधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों को अपराधियो के आने एवं जाने के सभी संभावित मार्गो पर चेकिंग लगाया गया. घटना स्थल एवं उसके आस-पास के संभावित मार्गों में सीसीटीवी फुटेज की जाँच की गई. फुटेज के आधार पर सीमावर्ती जिलों एवं राज्यों के पुलिस पदाधिकारियों से समन्वयः स्थापित कर संभावित मार्ग पर संघन जांच के लिए चेकिंग लगाई गई. इस संदर्भ में शाखा प्रबंधक अजय राम के फर्दबयान के आधार पर बरही थाना (काण्ड सं0-140/26) में मामला दर्ज किया गया. घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर और बरही एसडीपीओ के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया. सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम मामले के उद्भेदन और अपराधियों की पहचान के लिए निंरतर कार्य कर रही थी. उक्त टीम ने अपराधियों के आने-जाने वाले मार्गों का गहन जांच एवं सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों की हर गतिविधि का आकलन करने के लिए अलग से 02 टीमें लगाई गई थी. जिनके द्वारा महत्वपूर्ण आसूचना संकलन करते हुए घटना के दिन एवं घटना के पूर्व घटनास्थल के आस-पास एक काले रंग का संदिग्ध स्कार्पियों (BR-01 HN-2024) से रेकी करते हुए पहचान की गई. साथ ही उक्त टीम अपराधियों के फुटेज के आधार पर बिहार, उत्तराखंड, बंगाल एवं यूपी में इसी तरह के अपराधशैली से घटना का अंजाम देने वाली घटनाओं का गहन अध्ययन एवं अपराधियों का अध्ययन करते हुए घटना कारित करने वाले अपराधियों की सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर अपराधियों का सुराग हजारीबाग पुलिस को प्राप्त हुई.
यूपी एसटीएफ के सहयोग से पकड़ा गया अपराधी, गया से बरामद हुआ बाईक
एसपी ने बताया अपराधियों की गिरफ्तारी एवं लूटे गए सामानों की बरामदगी के लिए बरही एसडीपीओ के नेतृत्व में एक छापामारी टीम विभिन्न संभावित जगहों पर छापामारी के लिए भेजी गई. उक्त छापामारी दल पहचान स्थापित अपराधियों का भेष बदलकर निरन्तर पीछा करते हुए काले रंग के स्कारपियों (BR-01 HN-2024) के साथ यूपी के वाराणसी जिला पहुंची. छापामारी दल यूपी के एसटीएफ से सम्पर्क स्थापित किया. एसटीएफ के सहयोग से सारनाथ थाना क्षेत्र के हरुआ रिंग रोड स्थित राजभर बस्ती, सिंहपुर से गुजरते समय उक्त वाहन को चारों ओर से घेर लिया गया. उक्त वाहन में तीन संदिग्ध बैठा था. जिसका सीसीटीवी फुटेज से मिलान कर पहचान किया गया. जिन्हें तत्काल हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिये गये तीनों अपराधियों एवं उक्त वाहन की तलाशी करने पर लूटे गए आभूषण एवं अपराधियों के द्वारा बेचने के लिए गलाये गये 912.22 ग्राम सोना एवं 20 लाख रूपये बरामद किया गया. घटना में प्रयुक्त दो पल्सर बाईक के संबध में अपराधी ने बताया कि उक्त बाईक गयाजी रेलवे स्टेशन के पार्किंग में लगाई गई है. साथ ही गयाजी के दो आरोपी के बारे में भी बताई गई. पुलिस निरीक्षक चन्द्रशेखर कुमार के नेतृत्व में तुरन्त एक टीम गयाजी भेजा गया. घटना में प्रयुक्त दोनों बाईक को जप्त किया गया. वही दोनो अपराधी की पहचान कर छापामारी की गई परन्तु फिरार पाया गया.
