Ranchi: लातेहार के हेसाबार-भांग जंगल में घटना को अंजाम देने के लिए जुटे आधा दर्जन उग्रवादी को पुलिस गिरफ्तार किया है. पकड़े गए टीपीसी उग्रवादी के निशानदेही पर भारी मात्रा में गोली, हथियार बरामद किया गया है. गिरफ्तार उग्रवादी में लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के हेसाबार निवासी सबजोनल कमाण्डर नारायण भोक्ता उर्फ आदित जी, चंदवा थाना क्षेत्र के अलौदिया निवासी संजय उरांव उर्फ भगत जी, पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र के बारा निवासी सबजोनल कमाण्डर आलोक यादव उर्फ अमरेश यादव, लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के पथरई निवासी अमित दुबे उर्फ छोटे बाबा और चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र के बरैनी निवासी महेंद्र ठाकुर औरइमरान अंसारी का नाम शामिल है. इनके निशानदेही पर .315 का 4 रायफल, 1 रिवाल्वर, AK-47 19 गोली, AK-56 का 39 गोली, .315 रायफल का 405 गोली, 30-06 का 233 गोली, 400 गोली सीलबन्द पैकेट में जिसके उपर Prvi-partizan Ammunition 30-06 spring field सिलामा लिखा, 7.65 का 6 गोली, 3 पाउच 2 चितकबरा पायजामा, एक बाइक, टीपीसी और टीपीसी का खाली लेटरपैड एवं लिखा हुआ पर्चा पुलिस ने बरामद किया है. शनिवार को घटना की जानकारी देते हुए लातेहार एसपी कुमार गौरव ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित टीपीसी उग्रवादी संगठन के सक्रिय सदस्य हरवे हथियार से लैश होकर बालूमाथ व लातेहार थाना क्षेत्र के ग्राम हेसाबार भांग जंगल में घुम रहे है. एवं अपना पहचान छिपाकर गुप्त रूप से एरिया का रेकी कर किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने की फिराक में है. सूचना पर बालूमाथ एसडीपीओ के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. छापेमारी दल ग्राम हेसाबार-भांग के जंगल में गुप्त रूप से घेराबन्दी कर छापामारी किया. छापामारी के क्रम में ग्राम होलंग के हेसाबार-भांग जंगल से उग्रवादी को हरवे हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया. इनके निशानदेही पर रायफल, रिवाल्वर व 1102 गोली समेत अन्य समान बरामद किया गया.
पकड़े गए उग्रवादी लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में ठेकेदारों एवं कारोबारियों को जान मारने का धमकी देकर लेवी वसूलने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे. हाल में ही चंदवा थाना क्षेत्र के डगडगिया पुल, सेरक रोड एवं लातेहार थाना क्षेत्र के रेलवे विकास कार्य तथा रमकण्डा थाना क्षेत्र के रोड निर्माण कार्य एवं टण्डवा थाना क्षेत्र में कारोबारियों से संगठन का पर्चा देकर लेवी के लिए दबाव बना रहे थे. एवं लेवी वसूली भी किया. ये सभी पूर्व में विभिन्न थानों से गिरफ्तार होकर जेल भी गया है. सब जोनल कमांडर नारायण भोक्ता जेल से निकलने के बाद पुनः पहचान छिपाकर गुप्त रूप से संगठन के कमाण्डर के रूप में कार्यरत रहा है. आलोक यादव महुआडांड़ थाना क्षेत्र का सबजोनल कमाण्डर था. जेल से निकलने के बाद संगठन में सक्रिय रहकर कार्य कर रहा था. अमित दुबे उर्फ छोटे बाबा करीब 10 वर्षों से TSPC संगठन का सक्रिय कमाण्डर रहा है. कई वर्षों से फरार अमित दुबे संगठन के लिए अन्दर और बाहर रहकर काम करता रहा है.

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