Patna: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोतिहारी के छतौनी थाना पुलिस ने 90 युवको का रेस्क्यू किया है. इनमें झारखंड, बंगाल व असम के युवक शामिल है. वही इंटरस्टेट गिरोह के 13 अपराधी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपी में पताही थाना क्षेत्र के महमदा निवासी दीपक महतो, कटिहार जिले के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखसन निवासी साउद आलम, बंगाल के मालदा जिले के चानचल थाना क्षेत्र के सोलमारी निवासी उमर फारूख, चंचलटु थाना क्षेत्र के मदैहहाट निवासी दिलीप मारेडी, रतवा थाना क्षेत्र के बंदरख निवासी मो० अशरफ, हरिश्चन्द्रपुर थाना क्षेत्र के हतीचपा निवासी अबू कलाम, नानारही निवासी मो० खबीर, दलीलपुर निवासी वोहिदूजमान, उत्तर दीनाक्षपुर जिले के इटहा थाना क्षेत्र के पोरमेश्वराडी निवासी सैलीम साकिल, असम के दरंग जिले के दुलह थाना क्षेत्र के कदमतला बगीचा के रहने वाले अब्बास अली, दरन जिले के दोसा थाना क्षेत्र के बोरीझारा निवासी आमिनुल इस्लाम और यूपी के सिद्धार्थ नगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र के इटवा परसा निवासी मो० सज्जाद का नाम शामिल है. पुलिस मौके पर से डीबीआर यूनिक कंपनी का सामान, मोबाईल, एमआर कंपनी का सामान, ऑटमिक्स कंपनी का सामान और कच्चा बिल बरामद किया है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गुप्त सूचना मिली कि छतौनी थाना क्षेत्र के छोटा बरियारपुर स्थित एक किराये के मकान में दूसरे राज्य के युवक को नौकरी के नाम पर पैसा लेकर बंधक बनाकर रखा गया है. सूचना पर सदर-1 के एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. गठित टीम कार्रवाई करते हुए छापामारी कर ठगी गिरोह के 13 अपराधी को गिरफ्तार किया गया. वही ठगी के शिकार हुए 90 युवकों का रेस्कयू किया गया. पकड़े गए गिरोह पहले रक्सौल में डीबीआर के नाम से कंपनी चलाया था, जिस पर पुलिस कार्रवाई के बाद कंपनी का नाम बदलकर ऑटमिक्स कंपनी के नाम से ठगी किया जाने लगा. ठगी के शिकार युवकों ने बताया कि कुछ लोगों को डाईरेक्ट कॉल कर के तथा कुछ को सोशल मिडिया के माध्यम से फंसाया गया है. रेस्क्यू हुए युवक में लगभग सभी लोग बंगाल, असम एवं झारखंड के है.
