Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट हस्तक्षेप के बाद पुलिस गायब बच्ची की तलाश में रेस हुई है. गुमला एएचटीयू थाना (कांड सं0-03/20) में दर् मामले में गुमला थाना क्षेत्र के खोरा निवासी पीड़िता संजीता कुमारी के लापता होने के मामले कोर्ट ने बेहतर अनुसंधान के लिए दिशा निर्देश दिया. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गुमला एसपी के अनुरोध पर सीआईडी एडीजी ने पीड़िता की बरामदगी के लिए पीड़िता का फोटो एवं सभी विस्तृत विवरणी के साथ Hue and Cry Notice सभी राज्यों के डीजीपी को भेजी गई है. इस मामले में लापता बच्ची की मां ने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की है. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया. लेकिन अब तक बच्ची का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका. हाईकोर्ट ने पहले भी इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है.
बता दे कि सोमवार को लापता बच्ची के मामले में पुलिस जांच की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है. अदालत ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में अनुसंधान का कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आता है, तो मामले को सीबीआई को सौंपा जा सकता है. जस्टिश सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र विडियों काफ्रेंसिंग से जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी. अदालत ने गुमला के एसपी से भी मामले की प्रगति के बारे में जानकारी ली. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई तक जांच में ठोस परिणाम सामने नहीं आते हैं, तो मामले की जांच सीबीआई को हस्तांतरित करने पर विचार किया जाएगा.
