Patna: बिहार सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को व्यापक स्तर पर विस्तार देने जा रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से राज्य में पर्यटन, व्यापार, उद्योग, निवेश, रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने रविवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार की संशोधित उड़ान योजना 6.0 के अंतर्गत समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने सबेया (गोपालगंज), फारबिसगंज (अरिया), किशनगंज, सारण तथा उलाव (बेगूसराय) में हवाई अड्डे के विकास की दिशा में तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने औरंगाबाद, बांका, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा एवं सीतामढ़ी में नए हवाई स्थलों / हेलीपैड के विकास की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा. साथ ही राजगीर-गया, सासाराम-कैमूर तथा शाहाबाद क्षेत्र में भी हेलीपैड विकसित करने की योजना पर कार्य करने और भूमि की उपलब्धता व अन्य तकनीकी पहलुओं पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया.
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
समीक्षा के दौरान सिविल विमानन विभाग के सचिव श्री नीलेश रामचन्द्र देवरे ने हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्यटन, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने से देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. उन्होंने अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता, स्थल की उपयुक्तता और यातायात की संभावनाओं का शीघ्र आकलन कर संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया.
उड़ान योजना 6.0 का लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि संशोधित उड़ान योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क का विस्तार करते हुए छोटे शहरों एवं कम सेवा वाले क्षेत्रों को बेहतर हवाई सुविधा से जोड़ना है. बिहार सरकार इसी लक्ष्य के अनुरूप राज्य में हवाई अवसंरचना के विस्तार को गति दे रही है. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित नगर विकास, परिवहन, सिविल विमानन विभाग के सचिव एवं पटना के जिलाधिकारी सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
