Patna: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमीन देने वाले रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान समय पर करने को कहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे. बैठक में औद्योगिक नीति, विभिन्न जिलों में भूमि अधिग्रहण की स्थिति, निवेश की संभावनाओं और विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई.
उद्योगों की स्थापना में देरी दूर करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए. उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए जरूरी जमीन तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि निवेशकों को अनुकूल माहौल मिल सके. उन्होंने विभागीय कार्यों में तेजी लाने और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया.
जमीन देने वालों को समय पर मिले मुआवजा
औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ जमीन मालिकों को भुगतान करना भी सरकार की प्राथमिकता में है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ रैयतों को देय राशि का भुगतान बिना विलंब किया जाए. इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी.
निवेश बढ़ेगा, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और निवेशकों को अनुकूल वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है. उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी होने पर राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
उद्योग विभाग ने दिया कार्ययोजनाओं का ब्योरा
बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से औद्योगिक नीति, विभाग की विभिन्न योजनाओं, अलग-अलग जिलों में उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति और निवेश से जुड़े विषयों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास की योजनाओं को गति देने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं संजय कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, उद्योग विभाग के निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
