Patna: राज्य में नदियों के बदलते रुख और कटाव के खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. गुरुवार को उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सिंचाई भवन स्थित अत्याधुनिक कंट्रोल कमांड सेंटर का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर में चलाए जा रहे फ्लड फाइटिंग (बाढ़ बचाव) कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने का कड़ा निर्देश दिया.
समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पुनपुन और दरधा नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर चिंता जताई. इसके अलावा उन्होंने भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत काजीकोरैया-राघोपुर बांध की स्थिति तथा आसपास के कटाव प्रभावित इलाकों में जारी राहत व बचाव कार्यों का पल-पल का अपडेट लिया.
बाढ़ व कटाव रोधी कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील और कटाव प्रवण क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम जारी रहना चाहिए. अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कटाव रोधी सामग्रियों (जीबी बैग, बंबू रोल आदि) की उपलब्धता और तटबंधों की स्थिति पर दिन-रात नजर रखी जाए. कंट्रोल कमांड सेंटर और स्थानीय स्तर से मिलने वाली किसी भी सूचना या खतरे के संकेत पर बिना देरी किए तत्काल एक्शन लिया जाए. प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि तटबंध सुरक्षित रहें और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे.
विभागीय टीम का बढ़ाया हौसला
जल संसाधन विभाग के सचिव और अभियंताओं की टीम द्वारा किए जा रहे त्वरित कार्यों की सराहना करते हुए विजय चौधरी ने उनका उत्साहवर्धन भी किया. उन्होंने कहा कि पूरी टीम जिस मुस्तैदी से काम कर रही है, उसे आगे भी बरकरार रखना होगा. कंट्रोल कमांड सेंटर की भूमिका को अहम बताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि तकनीक का पूरा उपयोग करते हुए राज्य के हर एक तटबंध की डिजिटल मॉनिटरिंग जारी रखी जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते संभाला जा सके.
