Patna: भोजपुर पुलिस ने क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन प्लान और इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. सिकरहट्टा थाना क्षेत्र के चकिया गांव में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, दो लैपटॉप, 11 डेबिट कार्ड और 22 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऐप भी मिले हैं. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में दिल्ली में भी इस तरह की ठगी करने की बात स्वीकार की है. गिरफ्तार आरोपियों में अभिषेक उर्फ विष्णु (30), अखिल आनंद (34), नितेश कुमार साह (22), राजीव दास (34), अभिषेक कुमार (22), विक्की कुमार (23), सुमन पटेल (20), निरज कुमार (31) और कौशल कुमार (32) शामिल हैं. आरोपियों के पते बिहार के सीवान, समस्तीपुर, गोपालगंज, भोजपुर, रोहतास और नालंदा जिलों के अलावा दिल्ली से जुड़े हैं. दिल्ली के किराड़ी सुल्तान नगर में रहने वाले आरोपी कौशल कुमार ने पूछताछ में बताया कि वे जून 2026 से दिल्ली में इस तरह का काम कर रहे थे और करीब 15-16 दिन पहले चकिया आए थे.
क्रेडिट कार्ड सुरक्षा के नाम पर बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार सिकरहट्टा थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि चकिया गांव में सुमन पटेल के मकान में कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं. सूचना पर पुलिस टीम ने छापेमारी की. मकान की पहली मंजिल के दो कमरों में कुछ लोग फोन और लैपटॉप के जरिए संदिग्ध गतिविधियां करते मिले. पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया और सामान जब्त कर जांच शुरू की. सिकरहट्टा थाना और भोजपुर साइबर थाना की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सामान्य वॉयस कॉल और इंटरनेट कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे. वे क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन प्लान या इंश्योरेंस देने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे. गिरोह के सदस्य ग्राहकों को बताते थे कि क्रेडिट कार्ड प्रोटेक्शन प्लान छह महीने या एक साल के लिए कराया जाता है. इसके लिए वे कथित तौर पर अवैध तरीके से ओटीपी लेकर भुगतान मंगवाते थे. ठगी की रकम दिल्ली में रहने वाले उनके एक सहयोगी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए स्कैनर और वॉलेट के जरिए भेजे जाने की बात भी सामने आई है.
इंटरनेट कॉलिंग से छिपाते थे पहचान
आरोपी इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे, जिसमें बार-बार कॉल करने पर अलग-अलग नंबर दिखाई दे सकते हैं. इस तरीके से वे अपनी पहचान छिपाने और लोगों को झांसे में लेने की कोशिश करते थे। जब्त लैपटॉप से एपीके एडिटर स्टूडियो, एक्स-लाइट और वायरशार्क जैसे संदिग्ध सॉफ्टवेयर या ऐप मिलने की जानकारी दी गई है. पुलिस इनके इस्तेमाल और गिरोह के नेटवर्क की तकनीकी जांच कर रही है. इस मामले में सिकरहट्टा थाना के आवेदन के आधार पर भोजपुर साइबर थाना (कांड संख्या 81/26) में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, ठगी की रकम और संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है.
