Patna: पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अब तक कुल 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
मिली जानकारी के अनुसार विगत कई दिनों से साइबर अपराधी खुद को पुलिस बताकर परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहे थे. इसी क्रम में वादिनी रागिनी देवी को अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबरों से फोन कर खुद को सीबीआई अधिकारी/पुलिस बताया गया. वादिनी को डिजिटल अरेस्ट कर डराया-धमकाया गया और कुल 3,47,999/- रुपये की ठगी कर ली गई. इस संबंध में साइबर थाना (कांड संख्या 140/26) में मामला दर्ज किया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर एसएसपी के निर्देशन में डीएसपी-सह-थानाध्यक्ष, साइबर थाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी बिंदुओं और विभिन्न बैंकों के घोस्ट/म्यूल अकाउंट की बारीकी से विश्लेषण किया. विश्लेषण के बाद विशेष टीम ने घटना में प्रयुक्त खाताधारक यूपी के देवरिया जिले क बरियारपुर थाना क्षेत्र के टीपू कुशवाहा को 12 अक्टूबर को देवरिया जिले से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. निरंतर छापेमारी के क्रम में गठित टीम ने संलिप्त एक अन्य खाताधारक बांका जिले के केवल प्रिंस कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है. जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी के बैंक खाते पर 9 राज्यों से कुल 14 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वादिनी के खाते से ठगी गई कुल 3,47,999 रुपये की राशि में से 2,64,748 रुपये होल्ड करा दिए हैं, जिन्हें वादिनी को वापस दिलाने की प्रक्रिया की जा रही है. मामले में संलिप्त अन्य आरोपी के गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी और अग्रतर कार्रवाई जारी है.
