Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने का मेगा प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है. सोमवार को ‘संकल्प सभागार’ में गन्ना उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की 9 बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की कार्ययोजना पर तेजी से काम करने को कहा. मुख्यमंत्री ने कहा चीनी मिलों का पुनरुद्धार सिर्फ उद्योग नहीं, किसानों की आय बढ़ाने का मिशन है. बंद मिलों वाले क्षेत्रों में फिर से सीटी बजेगी. चंपारण को गन्ना हब बनाएंगे.” बैठक में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार सहित वरीय अधिकारी मौजूद रहे.

9 बंद मिलें, 25 नई मिलें – क्या है प्लान

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि रैयाम, सकरी, सासामुसा, मधौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया एवं मोतिहारी की बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू किया जाएगा. साथ ही राज्य में 25 नई चीनी मिलें लगाने की कार्ययोजना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और किसानों को सीधा फायदा मिलेगा.

चंपारण पर स्पेशल फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं. चंपारण क्षेत्र को देश के प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विभाग विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करे. गन्ना उत्पादन बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार और किसानों को बेहतर बाजार देने के लिए सभी कदम उठाए जाएं.

गन्ना नीति-2026 से आएगा निवेश

मुख्यमंत्री ने बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 के तहत अधिकाधिक निवेश आकर्षित करने का निर्देश दिया. निवेशकों को प्रोत्साहित करने और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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