Ranchi: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म मामले में दरोगा और सिपाही को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार दरोगा ओडी पदाधिकारी मनोज कुमार साहू और सिपाही संतोष कुमार राय को जेल भेज दिया गया है. वही एसडीपीओ की ओर से समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर गम्हरिया थाना के नौ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित किया गया है. इनमें एसआई अजय पासवान और ललन रविदास, एएसआई विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पितांबर महतो और बहादुर हांसदा तथा आरक्षी मनोज गोराई का नाम शामिल हैं.
पति से डरकर पड़ोस में पहुंची थी महिला
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 31 अक्टूबर को लिखित आवेदन देकर बताया कि 29 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे पति के साथ उसकी कहासुनी हुई थी. उसे आशंका थी कि रात में पति उसके साथ मारपीट कर सकते हैं. इसी डर से वह घर से निकलकर पड़ोस के एक घर में पहुंची और वहां मौजूद महिला से अपनी परेशानी बताकर थाना में फोन करने का अनुरोध किया. इसके बाद गम्हरिया पीसीआर वाहन मौके पर पहुंचा और महिला को लेकर रात करीब 12 बजे थाना पहुंचा. वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारी ने उसे बगल के कमरे में आराम करने के लिए कहा. पीड़िता के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान गम्हरिया थाना में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया. मामले में पुलिस ने पहले आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को गिरफ्तार किया. इसके बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एक दरोगा और एक आरक्षी को भी गिरफ्तार किया. वहीं, पूरे प्रकरण में कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.
वायरलेस ऑपरेटर के बाद दरोगा और आरक्षी गिरफ्तार
पीड़िता के लिखित आवेदन पर गम्हरिया थाना (कांड संख्या 86/26) में मामला दर्ज किया गया. मामले में आरोपी आरक्षी नीरज लकड़ा, वायरलेस ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई. आगे की जांच के दौरान दरोगा मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया है.
नौ पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई
एसडीपीओ की ओर से समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर गम्हरिया थाना के नौ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित किया गया है. इनमें एसआई अजय पासवान और ललन रविदास, एएसआई विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पितांबर महतो और बहादुर हांसदा तथा आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं.
महिला की सुरक्षा में लापरवाही को बताया गंभीर मामला
थाना परिसर में महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं किया जाना अत्यंत गंभीर लापरवाही है. इस प्रकरण से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है और आम लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. निलंबित पुलिसकर्मियों पर कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, शिथिलता, अनुशासनहीनता और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के आरोप हैं. सभी को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित करते हुए पुलिस केंद्र, सरायकेला वापस किया गया है.
