Patna: बिहार लोक भवन में शुक्रवार को राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा में सुधार एवं प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर उच्चस्तरीय बैठक हुई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर भी मौजूद रहे. बैठक में बताया गया कि राज्य की सभी विश्वविद्यालयों में नामांकन समर्थ पोर्टल से हो रहा है. सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को 31 दिसंबर 2026 तक समर्थ पोर्टल के लेखा एवं वित्त, कर्मचारी से जुड़े और अकादमिक पैकेज के सभी मॉड्यूल पूर्णत: लागू करने का निर्देश दिया गया. समर्थ पोर्टल से प्रशासनिक व्यय में कटौती हुई है और निर्णय प्रक्रिया अधिक उत्तरदायी व प्रभावी बनी है.
211 नवसृजित कॉलेजों में संविदा सहायक प्राचार्य
बैठक में बताया गया कि नवसृजित 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के लिए संविदा आधारित सहायक प्राचार्यों की केंद्रीकृत नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इन पदों के लिए बेहतर वेतनमान का प्रावधान किया गया है ताकि योग्य, सक्षम एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो सके और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आए.
15 राज्यों का अध्ययन कर बनेगा नया अधिनियम
उच्च शिक्षा के नियामकीय ढांचे को सरल, पारदर्शी एवं समरस बनाने के लिए 15 राज्यों के अधिनियमों का अध्ययन कर उनकी उत्कृष्ट व्यवस्थाओं को समाहित करते हुए तैयार प्रस्ताव पर अग्रेतर कार्रवाई का निर्णय लिया गया. सहमति बनी कि बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए एक नया अधिनियम बनाया जाए जो दूसरे राज्यों तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों की श्रेष्ठ प्रथाओं पर आधारित हो.
30 सितंबर तक बांटनी होंगी लंबित डिग्रियां
विश्वविद्यालयों की लंबित डिग्रियों के शीघ्र एवं समयबद्ध वितरण के लिए मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया गया है. इस कार्य को 30 सितंबर तक पूर्ण करना है ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
शोध और फैकल्टी डेवलपमेंट पर फोकस
प्रत्येक संस्थान प्रतिवर्ष कम-से-कम एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम अनिवार्य रूप से करेगा. पटना एवं मुंगेर विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों को सशक्त बनाया जाएगा. कुलाधिपति पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप, मुख्यमंत्री शोध अनुदान योजना और मुख्यमंत्री शोध छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी.
