Ranchi: राजधानी रांची में सिरम टोली फ्लाई ओवर के रैम्प को हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद दर्ज मामले में कार्रवाई पर फिलहाल रोक रहेगी. डीजीपी अनुराग गुप्ता ने रांची एसएसपी को निर्देश दिया है कि फिलहाल प्राथमिकी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई नही किया जाए.
बता दे कि 30 मार्च को सिरम टोली फ्लाई ओवर के रैम्प को हटाने के लिए कुछ लोगों ने जुलूस निकालकर उग्र प्रदर्शन किया था. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिया था. वही विधि व्यवस्था में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ धक्का मुक्की एवं छीना झपटी की गई थी. इस संबंध में चुटिया थाना में (कांड संख्या 77/2025) मामला दर्ज किया गया था.
प्राथमिक दर्ज होने की जानकारी मिलने पर सरकार ने डीजीपी को यह निर्देश दिया है कि चूंकि यह घटना सरहुल पर्व की भावना से जुड़ा हुआ है. इस प्राथमिकी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए. डीजीपी ने एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस मामले में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जाए.
सरहुल पर भी दो पक्ष के बीच झड़प, सीएम का विरोध
सरहुल पर मंगलवार दोपहर रांची के सिरमटोली में दो पक्षों के बीच झड़प से तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. मुख्य “सरना स्थल” (पूजा स्थल) पर पूजा करने सीएम हेमंत सोरेन भी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे थे. इसी दौरान एक समूह ने काले झंडे दिखाए और माथे पर काली पट्टी लगाकर उनका विरोध किया. दूसरे समूह ने इसका विरोध जताया. उनके बीच तीखी बहस और झड़प होने लगी. मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने हालात को संभाला. डीसी, एसएसपी, एसडीओ मौके पर मौजूद रहे. इसी बीच सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने सिरमटोली सरना स्थल पर कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा-अर्चना की और इसके बाद वहां से आदिवासी हॉस्टल में सरहुल पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने रवाना हो गए.
कई दिनों से चल रहा है विवाद
फ्लाईओवर रैंप का विरोध कर रहे आदिवासी संगठनों का कहना है कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर का रैंप ‘सरना स्थल’ के पास बना दिए जाने से सरहुल सहित अन्य तरह के धार्मिक आयोजन प्रभावित होंगे. रैंप बनाए जाने से सरनास्थल तक जाने वाली जगह छोटी पड़ गई है. यह उनकी आस्था और परंपराओं पर आघात है. हालांकि, विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन ने पांच दिन पहले निर्माणाधीन रैंप को छोटा करने का निर्णय लेते हुए इसका एक बड़ा हिस्सा तुड़वा दिया था. 30 मार्च को पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव के नेतृत्व में कुछ लोगों ने रैंप को पूरी तरह से हटाने की मांग को लेकर पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया था. इस मामले में चुटिया थाने में मामला दर्ज किया गया था.
