Patna: जमुई पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे छात्र-छात्रा से अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज के गंभीर मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 5 आरोपियों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले 3 साइबर अपराधियों सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार और निरुद्ध किया है. गिरफ्तार आरोपी में नंदन यादव, हरे राम यादव, कुंदन कुमार, फ़ैयाज़, रामाशीष कुमार और 3 विधि विरुद्ध शामिल है.
पहाड़ी क्षेत्र में घटी थी घटना
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर को सोशल मीडिया निगरानी के दौरान एक वीडियो सामने आया. वीडियो की जांच और तकनीकी सत्यापन के बाद पीड़ितों की पहचान की गई. घटना 19 सितंबर की शाम लगभग 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र के मारवा और प्रतापपुर के बीच स्थित पहाड़ी क्षेत्र की है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमुई थाना (कांड संख्या 428/26) में मामला दर्ज कर किया गया.
मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में लगी गोली
22 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी प्रतापपुर गांव से बाहर नदी के बहियार में छिपे हैं. पुलिस टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी की. भागने के प्रयास में पहला आरोपी हरे राम यादव (पिता: दीपू यादव) पकड़ा गया. पूछताछ में उसने बताया कि दूसरा आरोपी नंदन यादव नदी के कास वाले जंगल में छुपा है. पुलिस जब वहां पहुंची तो आरोपी नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी नंदन यादव जख्मी हो गया, जिसे इलाज के लिए अभिरक्षा में लिया गया है.
वीडियो वायरल करने पर साइबर पुलिस का भी बड़ा एक्शन
पीड़ितों की गोपनीयता भंग करने और उन्हें मानसिक हानि पहुँचाने के आरोप में जमुई साइबर थाना (कांड संख्या 45/2026) ने 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर प्राथमिकी दर्ज की है. साइबर पुलिस ने वीडियो शेयर व वायरल करने वाले 3 आरोपी कुंदन कुमार (सोनो), फ़ैयाज़ (अरसार) और रामाशीष कुमार (अलीगंज)को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की अपील
जमुई पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाला कोई भी आपत्तिजनक वीडियो या कंटेंट सोशल मीडिया पर शेयर न करें. ऐसा करना कानूनन अपराध है और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
