Patna: बिहार में औद्योगिक विकास को नई उड़ान देने के लिए लगभग 51,600 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में गुरुवार को लोकसेवक आवास के संकल्प में उद्योग विभाग और देश की 10 प्रमुख कंपनियों के बीच MoU पर हस्ताक्षर हुए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश का प्रमुख स्टील हब बनाना है. स्टील और मेटल सेक्टर में 5 कंपनियों ने 29,626 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है.

रोजगार और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा “Build and Believe in Bihar” के मंत्र के साथ सभी परियोजनाओं को मिशन मोड में धरातल पर उतारा जाएगा. फूड प्रोसेसिंग और फार्मा सेक्टर को भी प्राथमिकता मिलेगी ताकि किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिले.

Bihar Business Connect 2026 की तैयारी

मुख्यमंत्री ने Bihar Business Connect 2026 की समीक्षा करते हुए कहा कि देश-विदेश के निवेशकों के साथ प्रवासी बिहारियों को भी जोड़ा जाएगा. “कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि के लिए भी उनका योगदान हो”.

न्यूक्लियर और टेक्सटाइल पर फोकस

ग्लोबल रिनिवेबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी (ग्रेस) न्यूक्लियर एनर्जी में 22,500 करोड़ का निवेश करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए क्लीन एनर्जी जरूरी है. क्रिएटिव ग्रुप टेक्सटाइल में 250 करोड़ और अनुभव एपरेल्स 50 करोड़ निवेश करेगा. टेक्सटाइल को रोजगारपरक बताते हुए CM ने विशेष प्रोत्साहन का ऐलान किया.

किन कंपनियों ने किया MoU

नक्षित आयरन एंड स्टील – 6,836 करोड़

अंकुर स्टील – 6,000 करोड़

श्री लंगटा बाबा मेटल्स – 5,500 करोड़

श्याम स्टील – 5,000 करोड़

शाकंभरी इस्पात – 5,000 करोड़

श्री समृद्धि स्टील – 290 करोड़

भारत साइंस एंड इनोवेशन – 200 करोड़

ग्लोबल रिनिवेबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (ग्रेस) – 22.500 करोड़

क्रियेटिव ग्रुप – 250 करोड़

अनुभव एपरेल्स प्राइवेट लिमिटेड – 50 करोड़

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