Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2600 मेगावाट क्षमता वाली दुर्गावती पंप भंडारण परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने और ग्रीन एनर्जी में निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही.
रविवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार राज्य वन्यप्राणी पर्षद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ईको टूरिज्म को बढ़ाकर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा किए जाएं.
PPP मॉडल पर पर्यटन विकास
मुख्यमंत्री ने सभी पर्यटन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर होटल, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, ट्रैकिंग और एडवेंचर टूरिज्म की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले.
रोहतास-दुर्गावती फोकस
रोहतास एवं दुर्गावती क्षेत्र में ईको टूरिज्म के व्यापक विकास की कार्ययोजना बनाने को कहा गया. बांध के आसपास होटल, रेस्टोरेंट और अन्य पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए. पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग, भ्रमण और पर्यटक सुरक्षा को ध्यान में रखकर समग्र योजना तैयार होगी.
केसरिया स्तूप का समग्र विकास
मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को आपसी समन्वय से विश्व के सबसे ऊंचे बौद्ध स्तूपों में से एक केसरिया स्तूप के संरक्षण, विकास और पर्यटन संवर्द्धन के लिए संयुक्त रूप से काम करने को कहा.
वन्यजीव संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध है. इनके संरक्षण के साथ पर्यटन विकास सरकार की प्राथमिकता है. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और बिहार राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान बनाएगा.
