Patna: राज्य में महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य के 1050 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ के रूप में विकसित किया जाएगा. इन केंद्रों में बच्चों की देखभाल और पोषण सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा. शुक्रवार को पटना के लेमन ट्री होटल में आयोजित ‘केयर इकोनॉमी कार्यशाला’ के दौरान समाज कल्याण विभाग के आईसीडीएस निदेशालय ने वेदांता लिमिटेड और जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत वेदांता ग्रुप 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ बनाएगा, जबकि जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड दरभंगा जिले के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण करेगा.
मंत्री ने क्या कहा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने कहा कि यह पहल आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं देने के साथ प्रारंभिक बाल देखभाल और पोषण को मजबूत करेगी. उन्होंने कहा कि केयर इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए सामाजिक सोच में बदलाव जरूरी है. बच्चों की देखभाल सिर्फ महिलाओं की नहीं बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की जिम्मेदारी है. आने वाले समय में करोड़ों लोगों को केयर सर्विस की जरूरत होगी, इसलिए इस क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना जरूरी है. मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने की पहल को भी याद किया.
राजस्व परिषद की अध्यक्ष हरजोत कौर बम्हरा ने कहा कि केयर इकोनॉमी में बालिकाओं के सशक्तिकरण और पुरुषों के लिए चाइल्ड केयर लीव पर विचार होना चाहिए. आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने पर भी जोर दिया. अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने केयर इकोनॉमी के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला.प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति ने स्वागत भाषण दिया.
