Patna: नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने विभाग में अनियमितता और लेटलतीफी पर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को आरोप एवं निगरानी प्रकोष्ठ और नगरपालिका प्रशासन की समीक्षा बैठक में मंत्री ने साफ कहा कि गंभीर आरोप वाले अधिकारियों-कर्मियों को चिन्हित कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए. साथ ही फाइलें लटकाने वाले अफसरों पर भी गाज गिरेगी. श्री मिश्रा ने आपदा प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि संभावित आपदाओं को देखते हुए हर नगर निगम को अत्याधुनिक मशीनों और आवश्यक संसाधनों से सशक्त किया जाए. इससे चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सकेगी. मंत्री ने कहा कि नगर निगम स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण DRR को सुदृढ़ करना समय की जरूरत है. इसके लिए जल-जमाव एवं बाढ़ प्रबंधन, नालों की नियमित सफाई, भवन निर्माण नियमावली का अनुपालन, अग्नि सुरक्षा उपायों का सशक्तीकरण, आपदा पूर्व चेतावनी तंत्र का विकास और वार्ड स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल है. उन्होंने कहा कि इन उपायों से शहरों को अधिक सुरक्षित, सक्षम और आपदा-प्रतिरोधी बनाया जा सकेगा.
”जवाबदेही तय, गुणवत्ता सुनिश्चित”
समीक्षा के दौरान श्री मिश्रा ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर फाइलों की अनावश्यक पेंडेंसी न रखी जाए. जिन अधिकारियों के पास फाइलें अत्यधिक दिनों तक लंबित हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.
SQM से होगी निर्माण की जांच
मंत्री ने बताया कि स्टेट क्वालिटी मॉनिटर SQM प्रणाली से नगर निगम क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन होगा. इससे निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का अनुपालन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी.
