Patna: वर्दी को दागदार करने वाले मामले में तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी ने कड़ा एक्शन लिया है. मुजफ्फरपुर जिला बल के एएसआई शांति प्रकाश कुजूर को शादी का झांसा देकर महिला का 3 साल तक यौन शोषण करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. बर्खास्तगी का आदेश 9 जून 2026 से प्रभावी है.
क्या है पूरा मामला
शांति प्रकाश कुजूर जब महिन्दवारा थाना में पदस्थापित थे, तब उन्होंने एक महिला को तीन वर्ष तक शादी करने का झांसा देकर यौन शोषण किया. पीड़िता ने कुजूर पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया. आवेदिका के आवेदन पर पुपरी थाना में (कांड सं0-399/21) में 3 दिसंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इसमें आरोपी पदाधिकारी को महिन्दवारा थाना से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया और आरोप पत्र समर्पित किया गया.
विभागीय जांच और बर्खास्तगी
इस कुकृत्य एवं भ्रष्ट आचरण के आरोप में कुजूर को 17 फरवरी 2022 से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. जांच का जिम्मा सीतामढ़ी मुख्यालय डीएसपी को सौंपा गया. जांच में नजीब अनवर ने एएसआई शांति प्रकाश कुजूर को आवेदिका द्वारा लगाए गए आरोप में दोषी पाया. सीतामढ़ी एसपी ने जांच रिपोर्ट से सहमति जताते हुए दंड अधिरोपण के लिए तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी से अनुरोध किया.
डीआईजी ने कहा कि एएसआई शांति प्रकाश कुजूर पर नैतिक अधमता के गंभीर आरोप की पुष्टि हुई है. पुलिस विभाग एक अनुशासित संगठन है. ऐसे निकृष्ट एवं भ्रष्ट आचरण में संलिप्त पुलिस पदाधिकारी का विभाग में बने रहना आमजन और संगठन के अन्य कर्मियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा. अतएव गहन समीक्षा के बाद नैतिक अधमता एवं भ्रष्ट आचरण के लिए शांति प्रकाश कुजूर को 9 जून 2026 से सेवा से बर्खास्त किया गया है.
