Ranchi: रांची पुलिस कार्यालय के कक्ष संख्या-307 में सोमवार को एडीजी मुख्यालय -सह- रांची जोन के आईजी की अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई. बैठक में रांची एसएसपी, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, एएसपी कोतवाली, सभी डीएसपी और जिले के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे. एडीजी ने सभी थाना प्रभारियों को संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों को चिह्नित कर वहां नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया. पूर्व से लगे कैमरों की भी समीक्षा होगी और जरूरत के हिसाब से उपयुक्त तकनीक के कैमरे लगाए जाएंगे.

गश्ती व्यवस्था पर जोर

पीसीआर, टाइगर मोबाइल, शक्ति कमांडो, हाईवे पेट्रोलिंग समेत सभी गश्ती दलों के कार्यों की समीक्षा की गई. संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के कांडों में समयबद्ध कार्रवाई, पीड़ितों को विधिसम्मत सहायता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग पर जोर दिया गया. गुमशुदा बच्चों के मामलों में SOP के तहत शीघ्र बरामदगी के लिए समन्वित प्रयास का निर्देश दिया गया.

एनडीपीएस पर बड़ा अभियान: 10-25 जून तक स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता

एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सभी डीएसपी थानेदारों को ड्रग्स की बिक्री-परिवहन की सूचनाएं संकलित कर छापामारी करने को कहा गया. 10 जून से 25 जून तक जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. स्कूल-कॉलेजों के आसपास सतत निगरानी और जरूरत पर विशेष छापामारी होगी.

संगठित अपराध और भू-माफिया पर कार्रवाई

रंगदारी, आपराधिक गिरोहों और भू-माफियाओं के आर्थिक-आपराधिक नेटवर्क का विश्लेषण कर कठोर कार्रवाई का निर्देश दिया गया. अन्य विभागों के साथ समन्वय कर भूमि संबंधी अपराधों में त्वरित अनुसंधान को कहा गया. आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए.

बैठक के अंत में अपराध नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और संगठित अपराध पर कार्रवाई के लिए रांची एसएसपी एवं सिटी एसपी को एडीजी ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया. शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के उत्कृष्ट अनुसंधानकर्ताओं को भी प्रशस्ति-पत्र दिए गए जिन्होंने महत्वपूर्ण कांडों का उद्भेदन कर समय पर आरोप-पत्र दाखिल किया. एडीजी  ने सभी पदाधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पेशेवर रवैया अपनाने का निर्देश दिया.

 

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