Patna: राजधानी में मौजूद बिहार म्यूजियम अब सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यह युवाओं के लिए कौशल विकास का नया हब बनने जा रहा है. म्यूजियम में जल्द ही आर्कियोलॉजी, म्यूजियोलॉजी और डिजाइनिंग कोर्स शुरू किए जा रहे हैं. इन कोर्सों की अवधि 3-3 महीने रहेगी। यह पहल पहली बार की जा रही है, जिससे इन विषयों में रुचि रखने वाले युवाओं को नया अवसर मिलेगा. इन सभी कोर्स को शुरू करने के लिए बिहार कौशल विकास मिशन के साथ बातचीत चल रही है. योजना के अनुसार, सभी कोर्स तीन महीने की अवधि के होंगे.
इन कोर्सों को एक्सपर्ट की टीम पढ़ाएगी। डिजाइनिंग कोर्स के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) जैसे संस्थानों से बातचीत की जा रही है. वहीं, आर्कियोलॉजी और म्यूजियोलॉजी के लिए बिहार म्यूजियम में पहले से कार्यरत विशेषज्ञ ही प्रशिक्षण देंगे. बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि यह पहल युवाओं की बेरोजगारी को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है. उनका कहना है कि इन कोर्सेज के माध्यम से युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल मिलेगा, जिससे वे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे.
इसके अलावा म्यूजियम ने अनंत यूनिवर्सिटी के साथ भी एक समझौता (एमओयू) किया है. संभावना है कि डिजाइनिंग कोर्स के लिए वहां से भी विशेषज्ञ बुलाए जा सकते हैं. कोर्स पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जो उन्हें विभिन्न संस्थानों और क्षेत्रों में नौकरी पाने में मदद करेगा. इच्छुक युवा इन कोर्सेज के लिए आवेदन कर सकेंगे.
