Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को नालंदा जिले के राजगीर में मलमास मेला-2026 का उद्घाटन किया. उन्होंने ब्रह्मकुंड परिसर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की एवं महाआरती कार्यक्रम में भाग लिया. मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला के निकट प्रमुख संतों के साथ ध्वजारोहण किया. इस दौरान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी बासुदेवाचार्य श्री भास्कर उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने मलमास मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली. ब्रह्मकुंड के पास नव नालंदा सेवा भारतीय नालंदा द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा भाव से मदद करें और इनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें. मुख्यमंत्री ने मलमास मेला में आने वाले अन्य श्रद्धालुओं के आवासन के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में तैयार किए गए आवासन स्थल का उद्घाटन किया. आवासन स्थल के पास श्रद्धालुओं के लिए भोजन की सुविधा के लिए दीदी की रसोई का भी मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया. दीदी की रसोई में सस्ते दर पर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध भोजन की व्यवस्था की गई है.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मलमास मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं. माना जाता है कि हिंदुओं के 33 करोड़ देवी-देवताओं का यहां निवास होता है. लोग श्रद्धा भक्ति के लिए यहां आते हैं. उनकी सुविधाओं और सुरक्षा का पूरी तरह ख्याल रखें. यहां देशभर से जो भी श्रद्धालु जाएं, वे अच्छी यादें लेकर जाएं. हमलोगों का दायित्व है कि जो भी यहां आएं उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और भक्ति भाव से पूजा पाठ कर सकें. उन्होंने कहा कि मेले में आए श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ-साथ असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखें. श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका भी ख्याल रखें भीड़ का प्रबंधन अच्छे ढंग से करें.
जू सफारी एवं नेचर सफारी को मेंटेन रखें, पर्यटकों की सुविधाओं का रखे ख्याल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज नालंदा जिले के राजगीर में राजगीर जू-सफारी एवं नेचर सफारी का भ्रमण किया. जू-सफारी के विभिन्न भागों का जायजा लिया. मुख्यमंत्री व्याख्या केंद्र गए, जहां पुराने वन्य जीव प्रजातियों की प्रदर्शनी को देखा. मुख्यमंत्री ने 180 डिग्री थियेटर में ‘द वाइल्ड कॉल’ एनिमेशन फिल्म देखा, जिसमें विभिन्न वन्य जीवों के कार्यकलापों, रहन-सहन एवं उनकी दुनिया को दिखाया गया है. यह फिल्म एक शेर और बाघ के शावकों की यात्रा के माध्यम से भारत की समृद्ध जैव-विविधिता और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को उजागर करती है. इसमें भारतीय हाथी, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड सहित कुल 23 प्रकार की वन्य जीव प्रजातियों को दिखाया गया है. राजगीर जू सफारी के एनिमेटेड फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल’ को बेस्ट एनिमेशन का 16वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल का सर्टिफिकेट ऑफ एक्सिलेंस मिला, जिसे मुख्यमंत्री को सौंपा गया.
मुख्यमंत्री ने नेचर सफारी का भी भ्रमण किया. इस दौरान वे ग्लास ब्रिज गए जहां उन्होंने पहाड़ों की रमणिक छटा का आनंद उठाया. जू-सफारी का बंद गाड़ी से भ्रमण करने के दौरान शेर, बाघ सहित अन्य वन्य जीवों की गतिविधियों को देखा और प्रसन्नता व्यक्त की. मुख्यमंत्री वन्य जीव अस्पताल गए, जहां उन्होंने वन्य जीवों के इलाज के लिए की गई सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने सिंह शावक का नामकरण ‘लक्ष्मी’ किया. भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर सफारी एवं जू-सफारी दोनों बहुत अच्छा बना है, यहां आनेवाले पर्यटकों की सुविधाओं का ख्याल रखें. यहां की व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से मेंटेन रखें. वन्य जीवों को बेहतर माहौल एवं सुविधायें इसी प्रकार मिलती रहे ताकि वो भी आनंदित रहें.
