Patna: गया जी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला लगने वाला है. इसी को मद्देनजर रखते हुए शुक्रवार को पुराने सचिवालय में भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. उन्होंने संबंधित विभागों के सभी पदाधिकारीयों से पितृपक्ष मेले के आयोजन से संबंधित तैयारियों की हाइब्रिड मोड में समीक्षा की. इस बैठक में बताया गया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 6 सितंबर से 21 सितंबर तक लगने वाला है. इस मेले में देश विदेश से लोग अपने पितरों के मोक्ष के लिए पिण्डदान करने के लिए गया जी और पुनपुन में आते हैं.
गया जी के ज़िलाधिकारी ने बताया कि पिण्डदानियों के लिए आवासन की सुविधा पहले के वर्षों की तुलना में सरकारी आववासन की क्षमता दोगुनी कर दी गई है. विभिन्न स्थानों जैसे यात्री आवासन, पुलिस आवासन, वाहन पार्किंग आदि स्थलों पर चापाकल, पियाऊ, नल, वाटर टैंकर एवं वाटर एटीएम की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ही जगह- जगह पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है. आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की उत्तम व्यवस्था , 88 शौचालय, 18 स्नानागार, 52 चेंजिंग रूम और वृद्धजनों की सुविधा के लिए 50 व्हीलचेयर एवं खोया पाया (नियंत्राण कक्ष) की भी विशेष व्यवस्था की गई है.
38 नि:शुल्क सरकारी यात्री आवासन स्थल की व्यवस्था
प्रशासन की तरफ से यात्रियों के लिए 12930 आवासन क्षमता वाले कुल 38 नि:शुल्क सराकरी यात्री आवासन स्थल बनाया जा रहा है. पण्डा समाज के लिए 35043 की क्षमता वाले 339 निजी भवन एवं धर्मशालाएं बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा 6735 क्षमता वाले 106 होटल अथवा रेस्ट हाउस में भी पिंडदानियों के लिए व्यवस्था की जा रही है. संपूर्ण मेला क्षेत्र में सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी है. इसमें देवघाट पर गया जी डैम के जल को सुरक्षित रखने के लिए पिंड विसर्जन पिट का निर्माण किया गया है. इसके साथ ही 120 लीटर /240 लीटर क्षमता वाले 200 डस्टबिन स्थापित किए जाने की तैयारी है.
मोबाइल पर मिलेगी अभी सूचनाएं, 70 स्वास्थ्य शिविर का होगा निर्माण
स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविरों की स्थापना की जाएगी. इन शिविरों के लिए 125 डॉक्टरों, 178 पारा मेडिकल, 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मी की व्यवस्था की गई है. खाद्य पदार्थ की जांच के लिए 5 टीमें गठित की गई हैं. पितृपक्ष मेले को लेकर विभिन्न अस्पतालों में 70 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसके साथ ही विद्युत एवं प्रकाश की उत्तम व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, विधि व्यवस्था, हेल्पलाइन, कॉल सेंटर, प्रचार प्रसार, आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी व्यवस्था की गई है. पितृपक्ष मेला 2025 के संबंध में सभी तरह की सूचनाएं प्राप्त करने हेतु “pinddaangaya” नाम का मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाया गया है.
चोर पॉकेटमार पर कड़ी नजर
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि चोरों और पॉकेटमारों पर कड़ी नजर रखी जाएगी. उन्होंने गया जी के जिलाधिकारी को आदेश दिया कि इन पॉकेटमारों पर कड़ी नजर रखने के लिए जगह जगह पर इनकी तस्वीरों का स्क्रीन पर डिस्प्ले कराया जाए और होर्डिंग पर भी इनकी तस्वीरें लगाई जाएं. जिससे श्रद्धालु सर्तक रहें और इनके मन में भी पकड़े जाने का डर बना रहे. उन्होंने महिला पुलिसकर्मी की भी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा है.
