Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना साइंस कॉलेज का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ऐतिहासिक संस्थान को पुनः राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने का रोडमैप दिया. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पटना साइंस कॉलेज परिसर में ‘यूनिवर्सिटी ऑफ फिजिक्स एंड साइंसेज’ की स्थापना की जाएगी. यह विश्वविद्यालय भौतिकी एवं विज्ञान के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा, नवाचार तथा अत्याधुनिक अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा. विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय शैक्षणिक व अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना साइंस कॉलेज की गौरवशाली शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक परंपरा रही है. राज्य सरकार का उद्देश्य इस संस्थान को विज्ञान के अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी संस्थान के रूप में विकसित करना है ताकि इसका पुराना गौरव पुनर्स्थापित हो सके.

आधुनिक सुविधाओं का विकास

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय की स्थापना एवं परिसर के समग्र विकास के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों, उन्नत शैक्षणिक अधोसंरचना तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी. साइंस कॉलेज की आधारभूत संरचना सुदृढ़ की जाएगी. छात्रावास एवं प्ले ग्राउंड्स की व्यवस्था बेहतर करने के लिए शीघ्र टीम भेजी जाएगी. मुख्यमंत्री ने पटना कॉलेजिएट स्कूल का भी निरीक्षण किया. कहा कि इसका गौरवशाली इतिहास रहा है. इसे मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा. विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं तथा बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा. निरीक्षण के दौरान साइंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. अलका ने व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी. मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, शिक्षा सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद थे.

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