Ranchi: ऑपरेशन “नवजीवन” के तहत कोल्हान एवं सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा के नक्सली के साथ गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के कमांडर ने गुरुवार को विधिवत सरेंडर कर दिया है. डीडीपी के निर्देश पर झारखण्ड पुलिस, सीआरपीएफ कोबरा एवं झारखण्ड जगुआर के द्वारा नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा प्रभावी कार्रवाई की जा रही है. झारखण्ड में भटके हुए नक्सलियों को पुनः मुख्य धारा में वापस लाने के लिए झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत झारखण्ड पुलिस लगातार कार्य कर रही है, जिसका परिणाम काफी सकारात्मक रहा है. अबतक भाकपा नक्सी सहित अन्य प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के कई बड़े ईनामी नक्सली कमाण्डरों से लेकर दस्ता सदस्य झारखण्ड पुलिस के समक्ष सरेंडर कर चुके है. भाकपा नक्सली संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश के कारण कई नक्सली मुख्य धारा में शामिल हो रहे है. इसी क्रम में झारखण्ड राज्य में वर्ष 2026 में लगातार संचालित अभियान के फलस्वरूप अबतक कुल 44 नक्सलियों को गिरफ्तारी किया गया, कुल 29 नक्सलियों द्वारा पुलिस के समक्ष सरेंडर किया गया, पुलिस मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गये है. चाईबासा जिलान्तर्गत नक्सल गतिविधि पर अंकुश लगाने हेतु नक्सल प्रभावित थाना क्षेत्र में आम जन के मन में उपजे सुरक्षा भाव को संधारित रखने के लिए सारंडा क्षेत्र में 21 नये Advance Camp Location (ACL) एवं Forward Operating Base (FOB) सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है.

इस कड़ी में भाकपा नक्सली के विरूद्ध संयुक्त बलों के द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर ऑपरेशन “नवजीवन” के तहत नक्सली संगठन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी एवं असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर एवं मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान् तथा सारंडा के सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जानकारी रखनेवाले 25 कमांडर एवं दस्ता सदस्य (SZCM-06, ACM- 06, दस्ता सदस्य-13) 16 हथियार एवं 2857 गोलियों के साथ गुरुवार को सरेंडर किया. इसके अतिरिक्त गुमला जिला में सक्रिय जेजेएमपी के 2 कमांडर एवं सदस्य (SZCM-01, ACM-01) एक हथियार एवं 130 गोलियों के साथ सरेंडर किया.

झारखण्ड पुलिस के द्वारा संचालित अभियान से नक्सली दबाव में आकर तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल राज्यों में भी सरेंडर किया है.

उल्लेखनीय है कि नक्सली के सभी सदस्य चाईबासा जिला एवं गिरिडीह जिला के स्थानीय निवासी है और नक्सली  के द्वारा इनको पूर्व में दस्ता में शामिल कराया गया था और इनके सरेंडर से झारखण्ड राज्य विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिला एवं आस-पास के जिलों एवं राज्य में माओवादियों की गतिविधि पर अंकुश लगेगा. इन सभी का सरेंडर स्थानीय नक्सली दस्ते के लिए एक बहुत ही करारा प्रहार है. झारखण्ड पुलिस का शेष बचे माओवादियों से अपील है कि हिंसा और भयदोहन का रास्ता छोड़ कर मुख्यधारा में लौटे और झारखण्ड सरकार की ‘ आत्मसमर्पण एवं पुर्नवास नीति का लाभ उठाएं.

सरेंडर करने वाले इनामी समेत 27 नक्सली और हथियार

भाकपा माओवादी नक्सली में 2 लाख के इनामी करण उर्फ डांगुर तियू, 5 लाख के इनामी गादी मुंडा उर्फ गुलशन, रामदयाल मुंडा, वंदना उर्फ शांति, 5 लाख के इनामी नगेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंहा उर्फ मुखिया, 5 लाख के इनामी रेखा मुंडा उर्फ जयंती, 5 लाख के इनामी सागेन आंगरिया, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, 5 लाख के इनामी सुलेमान हांसदा उर्फ चंबरा, बैजनाथ मुंडा, 1 लाख के इनामी बासुमती जेराईउर्फ बासु, रघु कायम, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका, लादू तिरिया, निती माई उर्फ निती हॅब्रम, बुमली तियू उर्फ दामू चरण तियू, नुअस, बिरसा कोड़ा उर्फ हरि सिंह, सुसारी उर्फ दसमा कालुडिया, सपना उर्फ सुरु कालुंडिया, अनिशा कोड़ा, मुन्‍नीराम मुंडा, बसंती देवगम, सुनीता सरदार उर्फ बारी, डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश जेजेएमपी के 5 लाख के इनामी सचिन बैक उर्फ युजीन बैक और श्रवण गोप

एक इंसास एलएमजी, 4 इंसास राइफल, देसी पिस्टल, 9 एसएलआर, एक .303 राइफल, 2857 गोलियां आठ वाकी-टॉकी

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