Patna: बिहार के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी सॉयल टेस्टिंग लैब स्थापित होंगी. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्वीकृति दे दी है. कक्षा 7, 8, 9 और 11 के छात्र मिट्टी परीक्षण सीखेंगे और किसानों को मुफ्त सॉयल हेल्थ कार्ड बांटेंगे. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीठापुर कृषि भवन में समीक्षा बैठक में कहा कि इसका मकसद छात्रों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित करना है. इससे छात्र, स्कूल और किसानों के बीच समन्वय बनेगा. ड्रैगन फ्रूट जैसी हाई-वैल्यू फसल से किसानों की आय बढ़ेगी.

ड्रैगन फ्रूट योजना

मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत 3 साल के लिए 3 करोड़ की योजना मंजूर है. 2026-27 के लिए 60 लाख में से 13.62 लाख जारी कर दिए गए हैं. मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं का समय पर और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

योजना की 5 बड़ी बातें

629 नए स्कूल: 2026-27 में 629 स्कूलों में लैब बनेंगी. 2025-26 में 160 स्कूलों में लैब बन चुकी हैं.

1 लाख की लागत: हर लैब पर 1 लाख खर्च होगा। 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार देगी.

छात्र बनेंगे सॉयल डॉक्टर: हर स्कूल को 50 मिट्टी नमूनों का संग्रहण, परीक्षण और किसानों को हेल्थ कार्ड बांटने का लक्ष्य.

संतुलित खाद का फायदा: मिट्टी जांच से किसानों को पता चलेगा कि खेत में कौन सी खाद कितनी डालनी है.  ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा: 60 लाख की लागत से ड्रैगन फ्रूट विकास योजना को मंजूरी। 13.62 लाख जारी.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed