Ranchi: खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआइसी) से जुड़े 3.89 करोड़ घोटाला मामले में छह आरोपितों के विरुद्ध ईडी ने चार्जशीट दाखिल किया है. ईडी ने विशेष अदालत में केवीआइसी रांची के तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार के अलावा तत्कालीन सीनियर कार्यपालक अधिकारी प्रशासन व एचआर अमन कुमार, शाहिल, प्रिया व बिनोद कुमार बैठा तथा बंकु निषाद के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया है. ईडी ने आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी मामले में रांची स्थित सीबीआइ की एसीबी में दर्ज प्राथमिकी व चार्जशीट के आधार पर पीएमएल अधिनियम के तहत इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की थी. अवैध निकासी का यह मामला 2016 से 2018 के बीच का था. आंतरिक जांच में गड़बड़ी उजागर होने के बाद यह मामला सीबीआई के पास गया था. इस संबंध में जांच एजेंसी ने चार व्यक्तियों तथा एक कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
सुनील कुमार ने अपने रिश्तेदारों और सह-आरोपियों के साथ मिलकर साज़िश रची और कुछ फ़र्ज़ी संस्थाएँ बनाईं जिनमें एक ऐसी ‘शेल कंपनी’ भी शामिल थी. इसके बाद, उन्होंने ‘खादी सुधार और विकास कार्यक्रम’ (केआरडीपी) के तहत मंजूर किए गए लगभग 3.89 करोड़ रुपये के धन को, बिना कोई वास्तविक काम किए ही, अपने रिश्तेदारों के निजी बैंक खातों में अंतरित कर दिया. सह-आरोपित रिश्तेदारों ने अपनी बैंकिंग जानकारी सौंप दी और कोरे चेक पर हस्ताक्षर किए, जिसके ज़रिए उन्होंने जान-बूझकर प्रॉक्सी खातों के जाल के माध्यम से अपराध से अर्जित आय को हासिल करने, अपने कब्ज़े में रखने और उसकी लेयरिंग करने में मदद की.
ईडी की जाँच में यह साबित हुआ कि अपराध से अर्जित आय को कमर्शियल वेंडर्स को भुगतान करके कई चरणों में घुमाया गया, और बाद में इसे सुनील कुमार की पत्नी के नाम पर ओरमांझी में खरीदी गई अचल संपत्तियों में लगा दिया गया. इस दौरान, पंजीकृत डीड के दस्तावेज़ों में जान-बूझकर व्यवस्थित रूप से कम कीमत दिखाकर, बिक्री की असली कीमत को छिपाया गया. जाँच के दौरान 20 मार्च 2025 सुनील कुमार के घर पर तलाशी लिया गया. 23 अप्रैल 2025 के पीएओ के ज़रिए लगभग 71.91 लाख रुपये की अचल और चल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया. जिसे बाद में न्याय-निर्णयन प्राधिकरण ने भी मंजूरी दे दी. इसके अलावा, अपराध से अर्जित आय में से आश्रम कल्याण निधि न्यास ट्रस्ट को अंतिरत किए गए 31.11 लाख रुपये ट्रस्ट ने अपनी मर्जी से लौटा दिए और ईडी के पास जमा करा दिए. आगे की जाँच प्रगति पर है.
