Patna: बिहार पुलिस में नवनियुक्त 21391 सिपाहियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की शुरुआत इस वर्ष 21 जुलाई से की गई है. पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को ट्रेनिंग दी जा रही है. इनके सभी प्रशिक्षण केंद्रों में भोजन की समुचित व्यवस्था जीविका दीदियों को सौंपी गई है. इसे लेकर जीविका के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है. यह जानकारी एडीजी प्रशिक्षण संजय कुमार सिंह ने दी. वह बुधवार को पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को इकट्ठे 9 महीने का बेसिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें 10207 पुरुष, 11176 महिला और 8 ट्रांसजेंडर शामिल हैं. 8 ट्रांसजेंडरों में 5 महिला और 3 पुरुष ट्रांसजेंडर शामिल हैं.

प्रशिक्षण पर लगाया गया है 1500 ट्रेनर

एडीजी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों को ट्रेनिंग देने के लिए खासतौर से 1500 ट्रेनरों को इस काम में लगाया गया है. इन सभी ट्रेनरों को महंगाई भत्ता 20 फीसदी करने की तैयारी है. इसका प्रस्ताव चला गया है. अभी छठवें वेतन आयोग के आधार पर यह भत्ता दिया जाता है. उन्होंने कहा कि सभी बीएसएपी के बटालियन, नाथनगर समेत अन्य ट्रेनिंग केंद्रों, जिला पुलिस बल के केंद्रों के अलावा सीआरपीएफ एवं एसएसबी के ट्रेनिंग केंद्रों में भी पुलिस जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बाढ़ स्थिति सीआरपीएफ के ट्रेनिंग केंद्र में महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है. इनकी ट्रेनिंग थोड़ी अलग और अधिक सशक्त है. उन्होंने कहा कि इस बार सिपाहियों को इंडोर प्रशिक्षण देने के लिए नया कंपेडियम तैयार किया गया है. इसमें 70 फीसदी बदलाव करते हुए नया बीएनएसएस कानून के सभी जरूरी प्रावधानों को जोड़ा गया है. इसके अलावा छापेमारी, हथकड़ी, अपराधियों को गिरफ्तार करने के तरीके समेत अन्य सभी जरूरी बातों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. नई चुनौती और परिक्षेत्र के मुताबिक तैयार इस नए सिलेबस में सभी जरूरी बातों को समाहित किया गया है. ताकि सिपाहियों को सभी जरूरी पहलुओं के बारे में जानकारी हो सके.

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