Patna: आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित पर दबाव बनाने के आऱोप में सुगौली अंचल निरीक्षक के साथ लापरवाह अनुसंधानकर्ता को सस्पेंड कर दिया गया है. एसपी के जनता दरबार में मिली शिकायत की जांच में अंचल निरीक्षक और अनुसंधानकर्ता का गड़बड़ी पकड़ी गई. परिक्ष्यमान डीएसपी के जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. मोतिहारी एसपी के अनुशंसा पर चम्पारण क्षेत्र के डीआईजी ने सुरौली अंचल निरीक्षक अशोक कुमार पाण्डेय को सस्पेंड कर दिया है. वही अनुसंधान में लापरवाही के आरोपी में अनुसंधानकर्ता एसआई निधि कुमारी को एसपी ने सस्पेंड करते हुए विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध स्पष्टीकरण मांगा है.
क्या है मामला
मिली जानकारी के अनुसार 18 दिसंबर को मोतिहारी एसपी के जनता दरबार में सुगौली थाना (काण्ड सं0-438/25) में दर्ज मामले के आवेदिका इमतरी खातुन आवेदन लेकर पहुंची औऱ न्याय का गुहार लगाते हुए स्वच्छ एवं निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया. आवेदिका के आवेदन पत्र की जांच परिक्ष्यमान डीएसपी से करायी गयी. जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि 15 अगस्त को संध्या में बाईक से आवेदिका के पति (मृतक स्व० मो० अलियास उर्फ मो० अलियस) अपने घर से ससूराल जा रहा था. इसी दौरान सुगौली थाना क्षेत्र के जनता चौक के समीप पुलिया के उत्तर सड़क पर ट्रैक्टर में टक्कर हो गयी, जिसमें आवेदिका के पति गंभीर रुप से जख्मी हो गया. जिनका इलाज के क्रम में मोतिहारी सदर अस्पताल में मौत हो गया. इस संबंध में सुगौली थाना (काण्ड सं0-438/25) में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया. मामला दर्ज करने के एक सप्ताह के अंदर सुगौली अंचल निरीक्षक ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा से सांठ-गांठ कर अपने मध्यस्ता में मामले के पीडित एवं ट्रैक्टर मालिक के साथ पंचायती कराया. ट्रैक्टर मालिक का नाम प्राथमिकी में नहीं देने के एवज में 60 हजार रूपया लेकर सुलह-समझौता करने का दबाव बनाया गया. जांच के क्रम में यह बात भी प्रकाश में आया कि मामला दर्ज होने के 4 माह बाद भी सुगौली अंचल पुलिस निरीक्षक पर्यवेक्षण टिप्पणी निर्गत नहीं किया था. जो कि इनके कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता का परिचायक है. जांच के क्रम में नवीन तथ्य यह भी सामने आयी कि ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा के भाई बिहार पुलिस में पुलिस अवर निरीक्षक है, जिनका सीडीआर अवलोकन से सुगौली अंचल निरीक्षक से काफी बातचीत होना पाया गया है. इन्हीं के इशारे पर अंचल निरीक्षक ससमय पर्यवेक्षण नहीं किया. बाहरी प्रभाव में आकर सही एवं तथ्यात्मक अनुसंधान न कर पंचायती का सहारा लिया गया. वादिनी के उपर दबाव बनाया गया ताकि मुख्य आरोपी ट्रेक्टर मालिक को बचाया जा सके. यह कृत्य अंचल निरीक्षक का कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता का परिचायक होने के साथ ही एक अच्छे पुलिस पदाधिकारी के विपरीत आचरण रखने का भी परिचायक है. इस तरह के कृत्य से पुलिस की छवि धूमिल होती है एवं पुलिस के प्रति आम जनों में अविश्वास का भाव पैदा होता है. मोतिहारी एसपी के अनुशंसा के आलेक में बरती गयी कर्त्तव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता के आरोप में डीआईजी ने अंचल निरीक्षक अशोक कुमार पाण्डेय को सस्पेंड कर दिया. वही मोतिहारी एसपी ने अनुसंधान के प्रति घोर लापरवाही के लिए सुगौली थाना में तैनात अनुसंधानकर्ता एसआई निधि कुमारी को सस्पेंड कर विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध स्पष्टीकरण की मांग की गयी है.
