Patna: बिहार में औद्योगिक विकास को बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है. बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की परियोजना समाशोधन समिति (PCC) की बैठक में 16 औद्योगिक इकाइयों और 7 होटल प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है. इसके लिए 31.78 एकड़ भूमि आवंटित की गई है. इन परियोजनाओं से राज्य में 992.63 करोड़ का निवेश आएगा और करीब 3,146 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा. बैठक उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के एमडी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई.
कौन-कौन से सेक्टर में लगेंगी फैक्ट्रियां
स्वीकृत परियोजनाओं में फूड प्रोसेसिंग, राइस मिल, PEB स्ट्रक्चर, स्टील रूफिंग शीट, गारमेंट्स, कॉटन विक-अगरबत्ती, करुगेटेड पेपर, जनरल मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं. साथ ही 4 स्टार और 5 स्टार कैटेगरी के 7 होटल भी खुलेंगे.
प्रमुख कंपनियां जिन्हें मिली मंजूरी
Amul Dairy – डेयरी सेक्टर
शिव दुर्गा एग्रो – एग्रो प्रोसेसिंग
मूगी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड – फूड प्रोसेसिंग
MSQ Clothing LLP – गारमेंट्स
Banka Industries – मैन्युफैक्चरिंग
Honesty Automation Pvt Ltd – ऑटोमेशन
Shree Jee Roofing – रूफिंग शीट
Siya Ram Food Industries – फूड
Jyoti Printing Works – प्रिंटिंग
Rajrani Textile – टेक्सटाइल
OM Mangalam – मैन्युफैक्चरिंग
Liefde Bakers Pvt Ltd – बेकरी
होटल प्रस्ताव: Civmil Industries, MCS India Ltd, Maa Mundeshwari Agro Mill सहित अन्य
कहां लगेंगी ये इकाइयां
IA फतुहा, IA बैजनाथपुर, IA गोरौल, IA समस्तीपुर, IA डोनार, LIE बरारी, IGC मरंगा, IA मुजफ्फरपुर, IA पाटलिपुत्र और IA हाजीपुर.
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा
“स्वीकृत हो रही नई औद्योगिक परियोजनाएं बिहार के आर्थिक विकास को नई गति दे रही हैं. इनसे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और कौशल आधारित अवसर सृजित होंगे. बिहार सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाकर राज्य को आधुनिक औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है.”
BIADA के एमडी कुंदन कुमार ने कहा
“राज्य सरकार संतुलित एवं समावेशी औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है. पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया से निवेशकों को भूखंड दिए जा रहे हैं. सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और नीतिगत सहयोग से प्रोजेक्ट्स का त्वरित क्रियान्वयन होगा.”
असर क्या होगा
रोजगार: 3,200 से ज्यादा युवाओं को नौकरी.
हॉस्पिटैलिटी: 7 स्टार होटल से टूरिज्म-बिजनेस को बूस्ट.
MSME: गारमेंट्स, फूड, पेपर जैसी यूनिट से स्थानीय उद्यमिता बढ़ेगी.
ब्रांड: Amul जैसी बड़ी कंपनी के आने से बिहार की ब्रांडिंग.
