Patna: सूचना एवं जन-संपर्क विभाग, सूचना भवन स्थित संवाद कक्ष में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को प्रेस वार्ता को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं, नवाचार आधारित पहलों तथा किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की विस्तृत जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा की. इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, अपर सचिव शैलेन्द्र कुमार सहित कृषि विभाग एवं सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे. कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस प्रेस वार्ता का उद्देश्य कृषि विभाग की उपलब्धियों, नीतिगत पहलों एवं भविष्य की दिशा को स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष रखना है. उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार का स्पष्ट संकल्प है. “कृषि को लाभकारी, आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाना.” छोटे एवं सीमांत किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाना तथा उनकी आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
भ्रष्टाचार एवं बिचौलिया व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कृषि रोड मैप के माध्यम से राज्य में उत्पादन, उत्पादकता एवं किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. बीज, उर्वरक, सिंचाई सुविधाएँ, आधुनिक कृषि यंत्र, डिजिटल सेवाएँ एवं विभिन्न सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुँचाया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानती है. जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ एवं स्मार्ट खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, बेहतर बाजार व्यवस्था एवं कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचे, इसके लिए डीबीटी एवं डिजिटल प्रणाली को मजबूत किया गया है तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है. भ्रष्टाचार एवं बिचौलिया व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है.
किसानों के साथ खड़ी है सरकार हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
माननीय मंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे सरकार और किसानों के बीच सशक्त सेतु की भूमिका निभाएँ तथा योजनाओं की सही जानकारी गाँव-गाँव तक पहुँचाएँ. उन्होंने पुनः दोहराया कि “समृद्ध किसान विकसित बिहार” सरकार का लक्ष्य है और इसी दिशा में कृषि विभाग निरंतर कार्य कर रहा है उन्होंने यह भी घोषणा की कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के उपरांत विभाग प्रत्येक जिले में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों एवं नवाचारी युवाओं के साथ संवाद करेगा, ताकि कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
कृषि केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिलाः सचिव
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने अपने संबोधन में राज्य के कृषि रोड मैप की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुनियोजित रणनीति और समन्वित प्रयासों से बिहार कृषि विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ के माध्यम से राज्य को प्राप्त राष्ट्रीय पहचान, फसल उत्पादन एवं उत्पादकता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि तथा डिजिटल कृषि पहलों के विस्तार की जानकारी दी. साथ ही आधुनिक कृषि मशीनरी को बढ़ावा देने, किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और लागत में कमी लाकर आय वृद्धि सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, इसलिए किसानों की आय में सतत वृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कृषि केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है.
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे परंपरागत फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली, कम अवधि में बेहतर प्रतिफल देने वाली एवं बाजार की मांग के अनुरूप फसलों की खेती की ओर भी अग्रसर हों. मूल्य-आधारित एवं बाजार उन्मुख खेती को अपनाकर, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक पद्धतियों के समावेश से किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं.
उर्वरक वितरण से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाईः कृषि निदेशक
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने राज्य में कृषि क्षेत्र की प्रगति एवं विभागीय पहलों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में धान, गेहूं एवं मक्का के उत्पादन तथा उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. साथ ही दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करते हुए राज्य के विभिन्न जिलों की भौगोलिक एवं जलवायु विशेषताओं के अनुरूप फसल चयन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके. कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा उर्वरक वितरण से संबंधित शिकायतों पर विभाग द्वारा सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है. कृषि यांत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक पॉप कृषि मशीनें अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.
आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन शीघ्र ही किसानों को कराई जाएगी उपलब्धः उद्यान निदेशक
इस अवसर पर उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. इससे उत्पादन की लागत में कमी, तकनीकी मार्गदर्शन की सहज उपलब्धता तथा विपणन की बेहतर व्यवस्था संभव हो सकेगी. उन्होंने कहा कि कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों एवं सुदृढ़ कोल्ड चेन अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों को भंडारण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार तक सीधी पहुँच सुनिश्चित हो और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके. उन्होंने आगे कहा मखाना उत्पादन को और अधिक सशक्त एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन शीघ्र ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी. इस तकनीक के माध्यम से प्रसंस्करण प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, त्वरित एवं श्रम-सुलभ होगी, जिससे गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
राज्य के बाजार प्रांगणों को जोड़ा जा रहा है पोर्टलः विपणन निदेशक
विपणन निदेशालय के निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा राज्य के बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं नए बाजार परिसरों के निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है. इन पहलों से किसानों को अपने कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण, सुव्यवस्थित प्रदर्शन एवं सुगम विक्रय की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल रही है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य के बाजार प्रांगणों को e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) पोर्टल से जोड़ा जा रहा है. इस डिजिटल मंच के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का ऑनलाइन क्रय-विक्रय कर रहे हैं, जिससे व्यापार प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है तथा उन्हें देशव्यापी बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है.
