Ranchi: रेल रोका और रेल टोका अभियान के तहत रेल परिचालन बाधित करने का आवह्न किया गया है. झारखंड में 40 रेलवे स्टेशन बाधित किये जाने की सूचना है. इनमें राजधानी रांची के चार स्टेशन भी शामिल है. एसटी का दर्जा को लेकर आंदोलन के मद्देनजर मुरी, सिल्ली, खलारी एवं टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन परिसर के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगा. जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार आदिवासी कुड़मी समाज, केंद्रीय कमेटी एवं कतिपय संगठनों, दलों द्वारा कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को विभिन्न रेलवे स्टेशनों में रेल परिचालन बाधित किए जाने की सूचना है. इन रेलवे स्टेशनों पर विधि व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए सदर एसडीओ ने बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मुरी, सिल्ली, खलारी एवं टाटा सिल्वे रेलवे स्टेशन परिसर के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा जारी किया गया है. इस दौरान पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना, किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, हरवे हथियार, किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन, घेराव, जुलूस रैली, ध्वनि विस्तारक यंत्र पर रोक रहेगा. शनिवार रात 8 बजे से रविवार रात 8 बजे तक यह प्रभावी रहेगा.

कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: डीसी

प्राप्त सूचना के अनुसार आदिवासी कुड़मी समाज समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर रेल परिचालन बाधित करने एवं रेल रोको आंदोलन की घोषणा की गई है. इस संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति भंग नहीं होनी चाहिए तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए. न्यायालय ने कहा है कि प्रस्तावित रेल एवं सड़क अवरोध किसी भी स्थिति में चिकित्सा एवं आपातकालीन सेवाओं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं जन-साधारण के सामान्य जीवन को बाधित नहीं करना चाहिए.

आंदोलन के संबंध में आदिवासी कुड़मी समाज ने भी न्यायालय एवं प्रशासन को आश्वस्त किया है कि उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण होगा तथा इससे अर्थव्यवस्था, परिवहन एवं आवश्यक सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. समाज द्वारा लिखित रूप से यह भी आश्वासन दिया गया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी निर्दोष नागरिक को क्षति नहीं होगी और प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग किया जाएगा.

जिला प्रशासन ने इस संबंध में आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग करें. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि अथवा हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा है कि कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं. रेलवे, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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