Ranchi: हजारीबाग के उरीमारी थाना क्षेत्र स्थितब न्यू बिरसा प्रोजेक्ट में घटना को अंजाम देने के लिए दिवाकर गंझू ने हथियार और स्प्राईड के बोतल में पेट्रोल उपलब्ध कराया था. ट्रेक्टर से पैसा वसूली करते पकड़े गए उग्रवादी ने इसका खुलासा किया है. पकड़े गए उग्रवादी की पहचान केरेडारी थाना क्षेत्र के बुंडू निवासी राजन गंझू के रूप में कई गई है. पुलिस मौके पर से पल्सर (JH01bs-7398), पेट्रोल बोतल हरा रंग का, झोला और 8100 रूपये नगद बरामद किया गया है. शुक्रवार को घटना की जानकारी देते हुए हजारीबाग एसपी अरविंद सिंह ने बताया कि 19 मार्च को हजारीबाग जिले के उरीमारी थाना क्षेत्र में न्यू बिरसा प्रोजेक्ट में अज्ञात अपराधियों ने एक पेलोडर में आग लगाई गयी थी एवं दूसरे पेलोडर को आग लगाकर क्षतिग्रस्त कर दिया. एवं टीपीसी का एक पर्चा फेंका. जिसमे लिखा था कि ट्रांसपोर्ट मालिक जबतक संगठन से मैनेज नहीं कर लेते है. तबतक सभी अपने काम को बंद रखेंगें. इस संबंध में उरीमारी थाना (काण्ड सख्या 71/25) में अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया.
वही घटना को गंभीरता से लेते हुए उरीमारी थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा र्निदेश दिया गया. गुरुवार को गुप्त सूचना मिली की देवगड पुलिया के नीचे बालू घाट के पास टीपीसी के उग्रवादी ट्रेक्टर से पैसा के अवैध वसूली कर रहें है. सूचना पर उरीमारी थाना प्रभारी को दलबल के साथ भेजा गया. मौके पर पहुंची पुलिस राजन गंझू को पकड़ा. पकड़े गए उग्रवादी से जब कड़ाई से पूछ-ताछ किया गया तो उसने बताया कि दिवाकर गंझू उर्फ प्रताप जी फुफेरा भाई है. न्यू बिरसा प्रोजेक्ट में जो हाईवा में आग लगी थी. उक्त घटना में ये शामिल था. इसके अतिरिक्त घटना में शामिल टीपीसी के करीब आधा दर्जन उग्रवादी का भी नाम पुलिस को बताया है. 19 मार्च को आधा दर्जन उग्रवादी रात के करीब 9 बजे ग्राम देवगढ़ में प्लान बनाये कि आज रात में उरिमारी क्षेत्र क्षेत्र स्थित कम्पनी में गोली चलाना है. और गाडी जलाना है. दिवाकर गंझू उर्फ प्रताप जी स्प्राईड के बोतल में पेट्रोल, तीन पिस्टल और एक कट्टा दिया. ये सभी लोग उरीमारी के लिए पल्सर से निकलें. बाइक में ही झोला में पेट्रोल था. सभी घटनास्थल के कुछ दूर पर बाइक खड़ा कर पैदल ही न्यू बिरसा प्रोजेक्ट स्थित कोयला डिपो तक पहुंचे. और करीब 4-5 राउंड गोली फायर किया. इसके बाद सभी डिपो में खडे हाईवा का शीशा को लाठी से मारकर फोड़ दिया. वही खड़े जेसीबी पेलोडर मशीन में पेट्रोल छिडकर पेलोडर में आग लगा दिया गया.
