Ranchi: जख्मी को इलाज के बदले हाजत में बंद करने के मामले में बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा ने चीराचास थानेदार समेत तीन पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया है. चास एसडीपीओ के जांच रिपोर्ट के आधार पर चीराचास थानेदार एसआई पुष्पराज कुमार, एसआई राजेश कुमार एवं एएसआई संजय कुमार मंडल को निलंबित किया गया है.
पुलिस से मिली जानकारी के अऩुसार सोशल मीडिया में चीरा चास थाना से संबंधित विडियो वायरल हुआ. जिसमें कतिपय आरोप लगाया गया है. बोकारो एसपी ने चास एसडीपीओ को जांच का निर्देश दिया. जांच रिपोर्ट में बताया गया कि 4 मई को संध्या में तकरीबन 07:30 बजे चीराचास थाना समीप वीणा रीजेंसी के सामाने हर्ष पांडेय तथा उनके सहयोगियों ने चीराचास थाना (कांड संख्या 37/26) में दर्ज मामले के आरोपी आरिफ अंसारी के साथ मारपीट की सूचना मिली. गश्ती दल के पदाधिकारी एसआई राजेश कुमार एवं एएसआई संजय कुमार मंडल ने घटनास्थल पर पहुँचकर आरिफ अंसारी को चोटिल पाया. पुलिस पदाधिकारी का कर्त्तव्य था कि तुरंत ईलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए था, परन्तु ऐसा ना कर पुलिस पदाधिकारी थाना ले जाकर हाजत में रखा. जिससे पुलिस की छवि धुविल होती है तथा न्यायोचित प्रतीत नही होता है. इसी विडियो में यह भी देखा गया कि एएसआई संजय कुमार मंडल कार्यालय में अनुचित परिधान में उपस्थित था. थानेदार पुष्पराज कुमार को चाहिए था कि जख्मी व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई करते पर ऐसा ना कर हाजत में रखा गया, जो इनके लापरवाही को परिलक्षित करता है. साथ ही एक अधीनस्थ पदाधिकारी के द्वारा अनुचित परिधान में थाना प्रभारी की उपस्थिति में थाना कार्यालय में उपस्थित रहने से यह प्रतीत होता है कि थाना प्रभारी का अधीनस्थ पदाधिकारियों पर नियंत्रण का घोर अभाव है. इन आरोपों के आधार थानेदार समेत तीन पुलिस पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित किया गया.
