Patna: रेप पीड़िता के मौत पर बड़ा एक्शन लिया गया है. पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ अभिजीत सिंह को हटा दिया गया है. वही एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ कुमारी विभा को सस्पेंड कर दिया गया है.
इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. जारी आदेश के अनुसार 1 जून को रेप पीड़िता नाबालिग की मौत का मामला संज्ञान में आया है. इस संबंध में विस्तृत जाँच की जा रही है. प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि पटना पीएमसीएच के प्रभारी उपाधीक्षक, डा० अभिजीत सिंह अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया. जो उनकी प्रशासनिक विफलता का परिचायक है. डा० अभिजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाता है. वही मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अधीक्षक डॉ कुमारी बिभा ने रेफरल पॉलिसी का अनुपालन नहीं किया. अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया गया है. साथ ही पीड़िता के ईलाज में घोर संवेदनहीनता बरती गई है. डॉ कुमारी बिभा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 के संगत प्रावधानों के तहत् तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है. जाँच प्रतिवेदन के आलोक में अलग से आरोप पत्र गठित करने की कार्रवाई की जायेगी. निलंबन अवधि में डॉ० कुमारी बिभा का मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग निर्धारित किया जाता है. निलंबन अवधि में सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.

आक्रोशित लोगों ने जला दिया आरोपी का घर

मुजफ्फरपुर में 11 साल की बच्ची के साथ 26 मई को रेप हुआ था. इसके बाद गला और सीना चिर दिया, इस वजह से बच्ची बोल नही पा रही थी. घटना को लेकर आक्रोशित लोगों ने आरोपी का घर जला दिया था. 5 दिन मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में इलाज चला. 6 दिन तक जिंदगी मौत से जूझती बच्ची का 1 जून को पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गया. हॉस्पिटल की भी लापरवाही सामने आई थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिया था. इसके बाद एक टीम गठित की गई.

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