Patna: राजधानीवासियों के लिए मेट्रो में सफर करने का सपना अब हकीकत के और करीब पहुंच गया है. पटना मेट्रो परियोजना के तहत मुख्य विद्युत निरीक्षक जनरल भारत सरकार (सीईआईजी) जगदीश कुमार ने प्रमुख विद्युत प्रतिष्ठानों का विस्तृत निरीक्षण किया. इस निरीक्षण ने न केवल परियोजना की प्रगति को रफ्तार दी है, बल्कि सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया है.
निरीक्षण में रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस), ऑक्जिलरी सब स्टेशन (एएसएस), फीडर लाइन, डिपो लाइन और अन्य महत्वपूर्ण ऑन-साइट विद्युत कनेक्शनों की बारीकी से जांच की गई.
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जगदीश कुमार के साथ इस निरीक्षण में भाग लिया. इस दौरान सभी विद्युत उपकरणों और कनेक्शनों का परीक्षण किया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मेट्रो के संचालन के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो.
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से बताया गया कि परियोजना के हर चरण में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. “हर लाइन जो हम बिछाते हैं, उसमें सुरक्षा पहले आती है,” कॉरपोरेशन ने स्पष्ट किया. यही कारण है कि संचालन शुरू होने से पहले सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का कठोरता से पालन किया जा रहा है.
विद्युत निरीक्षण के पूरा होने के बाद अब मेट्रो परियोजना के अगले चरण में परीक्षण संचालन (ट्रायल रन) की तैयारी शुरू की जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निरीक्षण न केवल संचालन की सुचारुता सुनिश्चित करते हैं, बल्कि यात्रियों के भरोसे को भी बढ़ाते हैं.
