Patna: करीब सात करोड़ रुपये की सरकारी राशि के गबन और आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है. निगरानी थाना (कांड संख्या-27/2012) में दर्ज मामले में मुजफ्फरपुर जिला बल की तत्कालीन महिला सिपाही बेबी कुमारी को विशेष निगरानी न्यायालय ने दोषी करार दिया है. दोषसिद्धि के बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. अब 26 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी.
35.42 लाख की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
मामला निगरानी जांच संख्या एफ-02/2011 के बाद सामने आया था. जांच प्रतिवेदन के आधार पर निगरानी थाना कांड संख्या 27/2012 दर्ज किया गया. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में महिला सिपाही बेबी कुमारी के विरुद्ध 35,42,955 रुपये की प्रत्यानुपातिक धनार्जन यानी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप पाया गया था.
पुलिसकर्मियों के वेतन के नाम पर सरकारी राशि की हेराफेरी
मामले की मूल कड़ी मुजफ्फरपुर थाना कांड संख्या 401/2010 से जुड़ी है. पुलिस जांच में आरोप सामने आया था कि वर्ष 2006 से सितंबर 2010 के बीच तत्कालीन लेखापाल सुशील कुमार चौधरी ने मुजफ्फरपुर कोषागार से पुलिसकर्मियों के वेतन, टीए और अन्य विपत्रों के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये की सरकारी राशि निकाली. जांच के अनुसार, इस राशि का एक हिस्सा अन्य आरोपियों की संलिप्तता और सहयोग से विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया. इसमें तत्कालीन महिला सिपाही बेबी कुमारी के बैंक खाते में भी सरकारी राशि जमा कराए जाने का आरोप था.
छापेमारी में नकदी, जेवर और संपत्ति के दस्तावेज मिले
स्थानीय पुलिस ने अनुसंधान के दौरान संबंधित आरोपियों और महिला सिपाही बेबी कुमारी के आवास की तलाशी ली थी. तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, जेवरात और परिसंपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए थे. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया.
निगरानी ब्यूरो ने शुरू की आय से अधिक संपत्ति की जांच
स्थानीय पुलिस की जांच के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने लोकसेवक बेबी कुमारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप की अलग से जांच की. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र के पुलिस निरीक्षक मदन प्रसाद सिंह के जांच प्रतिवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया.
समय पर चार्जशीट और प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि
मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्ता अश्विनी कुमार, वरीय डीएसपी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने आरोप-पत्र दाखिल किया. बिहार सरकार की ओर से कृष्ण देव साह, प्रभारी विशेष लोक अभियोजक, निगरानी, मुजफ्फरपुर ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की. विशेष न्यायाधीश (पीठासीन पदाधिकारी), विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने बेबी कुमारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471, 409, 420, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ई) सहपठित धारा 13(2) के तहत दोषी पाया. अदालत के फैसले के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया है. सजा कितनी होगी, इस पर 26 अक्टूबर को न्यायालय में सुनवाई होगी.
