Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कांग्रेस, मिशनरियों और हेमंत सरकार पर आदिवासियों के साथ “छल” और झारखंड की बदलती डेमोग्राफी पर चुप्पी साधने का गंभीर आरोप लगाया.
“कांग्रेस ने हमेशा किया छल, मिशनरी बनी सहयोगी”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों के साथ धोखा और छल करने का काम किया है. कांग्रेस ने आदिवासियों को बरगलाने और गुमराह करने के लिए मिशनरियों का सहयोगी के रूप में उपयोग किया. उन्होंने झारखंड आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जयपाल सिंह मुंडा, कार्तिक उरांव और शिबू सोरेन के आंदोलनों को कांग्रेस ने “खरीदा और दबाया”. “कांग्रेस का सिद्धांत रहा है कि आदिवासी के नाम पर चिल्लाओ और उन्हें हाशिए पर धकेल दो. जयपाल सिंह मुंडा का मुर्गा छाप कांग्रेस पहले भी शिकार कर चुकी है और आज भी वही खेल जारी है.”
“मोदी सरकार में आदिवासी अधिकार सुरक्षित”
मरांडी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासियों के संवैधानिक हक-अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं. “आदिवासियों के अधिकारों पर खरोंच तक नहीं आने दी जाएगी। आदिवासी समाज कांग्रेस और मिशनरियों की चाल और झांसे में न फंसे.” उन्होंने मिशनरियों पर रैली में शामिल होने के लिए 100 से 500 रुपये तक जुर्माना वसूलने की धमकी देने का आरोप भी लगाया और एक ऑडियो क्लिप सुनाई.
“डेमोग्राफी बदल रही, आंकड़े चीख रहे हैं”
श्री मरांडी ने कहा कि 1951 में आदिवासियों की आबादी 35.38 प्रतिशत थी जो 2011 में घटकर 26.20 प्रतिशत रह गई. वहीं मुस्लिम आबादी 8.9% से बढ़कर 14.53 प्रतिशत हो गई। ईसाई की आबादी में नहीं के बराबर अंतर हुआ 1951 में सनातनियों की कुल आबादी 87.79% थी जो 2011 में घटकर 81.17% रह गई. उन्होंने कहा कि अगर इसी रफ्तार से आदिवासियों की आबादी घटी तो 2051 आते आते आदिवासियों की आबादी 22.21% रह जाएगी, वही सनातनियों की आबादी घटकर 76.88% रह जाएगी, जबकि मुस्लिम 19% हो जाएगा. उन्होंने संथाल परगना में आदिवासी आबादी के घटते प्रतिशत और मुस्लिम आबादी की वृद्धि का भी आंकड़ा के साथ मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी और दलित को संविधान में आबादी के अनुपात में हक और अधिकार प्राप्त होता है, इसलिए इस लिहाज से यह बड़े संकट की आहट है. राज्य सरकार को इसकी कतई चिंता नहीं है.
“बांग्लादेशियों ने लूटी आदिवासी जमीन
“मरांडी ने आदिवासी कल्याण समिति पाकुड़ का पत्र दिखाते हुए कहा कि संताल परगना में आदिवासियों की रैयती जमीनों पर कब्जा कर बहुमंजिला भवन, कारखाना, मस्जिद, मदरसा बनाए गए हैं. आरोप लगाया कि फर्जी दान पत्र के जरिए बांग्लादेशियों ने जमीन लूटी है और कई मोहल्लों को साफ कर दिया गया है. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन से मामले में कार्रवाई की मांग की. प्रेस वार्ता में अशोक बड़ाइक, रामकुमार पाहन, सनी टोप्पो, पिंकी खोया भी मौजूद थे.
