Patna: रक्षाबंधन से पहले बिहार सरकार ने महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय में 3 दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि अगले 3 वर्षों में बिहार की 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा. 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा. विका से जुड़ी 1.81 करोड़ महिलाएं और 13 लाख स्वयं सहायता समूह इस अभियान की रीढ़ बनेंगे. पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 70% से बढ़ाकर 80% की जाएगी. सभी पंचायतों में 1 सुधा बिक्री केंद्र खुलेगा. केंद्र खोलने वाली महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60 हजार रुपये तक सहायता मिलेगी. राज्य के सभी 534 प्रखंडों में महिलाओं द्वारा संचालित पशु औषधि बिक्री केंद्र खोले जाएंगे.
स्वास्थ्य पर जोर: एनीमिया को कहेंगे बाय-बाय
25 अगस्त से 30 नवंबर तक ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान चलेगा. इसके तहत 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज होगा. मुख्यमंत्री ने कहा गर्भवती में एनीमिया माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है.
शादी और पढ़ाई पर भी इनाम
SC/ST महिलाओं को अंतरजातीय विवाह करने पर राज्य + केंद्र से मिलाकर 2.5 लाख रुपये मिलेंगे. BPSC, UPSC जैसी परीक्षा का प्रीलिम्स पास करने वाली छात्राओं को 30 हजार से 1 लाख रुपये तक प्रोत्साहन दिया जाएगा. कार्यक्रम में ‘सुधा सखी’ को ट्रेनिंग, जीविका केंद्रों के आवंटन पत्र और मिथिला हस्तकला सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन भी हुआ. पद्मश्री दुलारी देवी को सोसाइटी की अध्यक्षता सौंपी गई. जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर कार्यक्रम का समापन किया.
