Patna: बिहार में अब खनिज संपदा से सीधे राज्य के विकास और जनता के कल्याण का रास्ता खुलेगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को पटना के होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की कार्यशाला में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी और 9 महीने के भीतर 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे पूरा कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खनिज ब्लॉकों का अध्ययन कराया जा चुका है. 44 माइनिंग ब्लॉकों में से 28 ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है. सरकार का लक्ष्य है कि 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉक आवंटित कर दिए जाएं. उन्होंने कहा, “हमारे पदाधिकारी इस काम में लगे हुए हैं. 9 महीने में हम इस काम को पूर्ण करेंगे.”
रोहतास, गया, जमुई में है खनिजों का बड़ा भंडार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में संसाधनों की कोई कमी नहीं है. रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनरल बेल्ट, जहानाबाद और जमुई में मैग्नेट, गया, बांका और भागलपुर में भी मिनरल्स का बड़ा रिसोर्स मौजूद है. इन सभी का सदुपयोग कर आधारभूत संरचनाओं के निर्माण और उद्योगों को गति दी जाएगी.
रॉयल्टी का पैसा जनता के हित में, 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा. “खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा. “राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने निवेशकों से अपील की, “आप खुले मन से बिहार में निवेश करें. बिहार सरकार हर तरह से आपका सहयोग करेगी.”
विकसित भारत – समृद्ध बिहार का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है. वर्ष 2005 के बाद से राज्य में आधारभूत संरचनाओं का निर्माण तेजी से हुआ है, जिसमें पत्थर सहित अन्य खनिजों की बड़ी जरूरत है. कार्यक्रम में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
