Patna: भारत-नेपाल सीमा पर गैर कानूनी गतिविधियों, आर्थिक अपराध और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा – “सीमा पर कोई भी गैर कानूनी एवं अनैतिक कार्य न हो, इसे सभी सुनिश्चित करें. बैठक में किशनगंज, मधुबनी, पश्चिम चम्पारण समेत बॉर्डर एरिया के 7 जिलों के जिलाधिकारी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े. एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और इनकम टैक्स के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए.
CM के 5 बड़े निर्देश
15 KM तक निगरानी: सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी होगी. आर्थिक अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी.
स्पेशल टीम बनेगी: सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित होगी. ये टीम उन लोगों की पहचान करेगी जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई है. पूरी जानकारी जुटाकर विधि सम्मत कार्रवाई होगी.
तस्करी रोकने को जॉइंट बैठक: उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक होगी.
किशनगंज में 100 उर्दू स्कूल: किशनगंज जिले में 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान कर उर्दू विद्यालय की स्थापना की जाएगी.
काम में तेजी लाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करें.
बॉर्डर का गणित
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है. इस पर बिहार के 7 जिले, 70 पुलिस थाना और SSB के 194 BOP हैं. सभी थाना प्रभारी को अच्छे ढंग से काम करने और कोई गड़बड़ी न होने देने का निर्देश दिया गया. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. जिलाधिकारी और एसपी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा “भारत-नेपाल संबंध को बेहतर बनाते हुए सीमा क्षेत्र में सभी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें. केंद्रीय गृह मंत्री, मेरे और मुख्य सचिव डीजीपी स्तर पर नियमित बैठकें हो रही हैं. कई काम पूरे हुए, बाकी भी जल्दी पूरे हों.” बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, गृह सचिव कुंदन कुमार, डीजी अभियान कुंदन कृष्णन समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे.
